नई दिल्ली भारतीय पुरुष हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हॉकी इंडिया की सफाई के बाद भी इस पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब पूर्व कप्तान परगट सिंह और धनराज पिल्लै ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। विश्व कप से पहले भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया करने पर भड़के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने सवाल दागा कि देश में हर चीज की भगवा ब्रांडिंग क्यो हो रही है। वहीं, धनराज पिल्लै का कहना है कि राष्ट्रीय टीम की पहचान नीली जर्सी रही है, यह कोई फ्रेंचाइजी हॉकी नहीं है। नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 अगस्त से शुरू हो रहे विश्व कप से पहले भारतीय महिला और पुरुष टीमों की जर्सी का रंग बदले जाने को लेकर काफी विवाद हो गया है। पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद हॉकी इंडिया ने हालांकि सफाई में कहा है कि तकनीकी कारणों से कोचों और खिलाड़ियों के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया। चार ओलंपिक, विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी समेत भारत के लिए 339 मैच खेल चुके महान फॉरवर्ड धनराज ने कहा, भारतीय हॉकी की पहचान नीली जर्सी रही है। केसरिया हमारे ध्वज का रंग है और काफी मायने रखता है लेकिन भारतीय हॉकी से जुड़ा नहीं है। इतने साल बाद लेकिन अचानक क्यो बदला गया, यह समझ से परे है। धनराज ने इस दलील को भी खारिज किया कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी में खेलने से दिक्कत आती है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है। नीली टर्फ पर खेलते हुए पांच छह साल हो गए और मैने तो ऐसा कभी नहीं देखा। क्या एफआईएच ने कहा है कि नीले रंग से विरोधी टीम को या आपकी टीम को कोई दिक्कत होती है।
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भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर रार: परगट सिंह ने उठाए सवाल
By Suresh Pal
On: July 30, 2026 11:14 PM
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