प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 5 किमी सड़क बनी गड्ढों का तालाब, हर सफर मौत का सफर; स्कूली बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का सवाल—क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा प्रशासन? मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
आत्माराम त्रिपाठी
बांदा भाजपा की योगी सरकार की प्रदेश में विकास के दावों की गूंज चाहे सरकारी मंचों से आसमान छू रही हो, लेकिन बांदा जिले की नरैनी तहसील का ग्राम बुलाकीपुर उन दावों की जमीनी हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी बुलाकीपुर से सढ़ा तक करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क आज बदहाली की ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसे देखकर विकास के तमाम दावे बेमानी नजर आते हैं। सड़क पर जगह-जगह बने विशाल गड्ढे बारिश में तालाब का रूप ले चुके हैं। हर गुजरने वाला वाहन मौत के साए में सफर करने को मजबूर है और ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
गांव के अजीम, इमरान अली, मुबीन खान तथा समाजसेवी एवं पत्रकार युसुफ खान ने सड़क की बदहाली पर तीखा आक्रोश जताते हुए कहा कि यह मार्ग अब सड़क कम और हादसों का अड्डा ज्यादा बन चुका है। ई-रिक्शा, टैंपो, बाइक, ट्रैक्टर और स्कूली वाहन हर दिन जान जोखिम में डालकर निकलते हैं। बारिश होते ही गड्ढे पानी से भर जाते हैं और यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना दुर्घटनाएं होते-होते बच रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की संवेदनाएं अब भी नहीं जागीं।
सबसे अधिक पीड़ा गांव के मासूम बच्चों और मरीजों को झेलनी पड़ रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों में गिरते-पड़ते विद्यालय पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों तक समय पर एंबुलेंस पहुंचना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि इलाज में देरी से किसी की जान चली जाए तो उसकी जवाबदेही आखिर किसकी होगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद गांव की टूटी सड़कें और जनता की परेशानियां मानो किसी की प्राथमिकता ही नहीं रह जातीं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। मौके का निरीक्षण करने पहुंचे समाजसेवी एवं पत्रकार युसुफ खान ने बताया कि सड़क की हालत इतनी भयावह है कि कई स्थानों पर वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए सड़क छोड़कर किनारे से निकलना पड़ता है। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
समाजसेवी युसुफ खान ने जिलाधिकारी से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव की भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो बुलाकीपुर की जनता चुप नहीं बैठेगी। गांव के लोग लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, मजबूत और सुरक्षित सड़क चाहिए, ताकि बच्चे बिना डर स्कूल जा सकें, मरीज समय पर अस्पताल पहुंच सकें और गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
