कानपुर। कानपुर नगर और कानपुर देहात के 80 गांवों में सुनियोजित विकास का रास्ता जल्द साफ होने जा रहा है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को नए मास्टर प्लान में शामिल कर रहा है। इसके लिए फील्ड सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान क्षेत्र में पहले से बने मकान, फैक्ट्रियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य निर्माण का भी विस्तृत ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
मास्टर प्लान लागू होने के बाद इन गांवों में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और सार्वजनिक उपयोग की जमीन का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा। ऐसे में जमीन खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए संबंधित भूमि का भू-उपयोग (लैंड यूज) जानना बेहद जरूरी होगा। भविष्य में निर्माण और विकास कार्य इसी के अनुरूप किए जा सकेंगे।
केडीए के अनुसार, योजना में कानपुर सदर, नर्वल और बिल्हौर तहसील के साथ कानपुर देहात की अकबरपुर और मैथा तहसील के कुल 80 गांव शामिल किए गए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद मास्टर प्लान का प्रारूप तैयार कर सार्वजनिक आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
नए मास्टर प्लान से इन गांवों में सड़क, सीवर, जलापूर्ति, हरित क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास सुनियोजित ढंग से किया जा सकेगा। साथ ही अनियोजित निर्माण पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा, जिससे भविष्य में क्षेत्र का संतुलित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित होगा।

