अब बच्चों के कैंसर का होगा नि:शुल्क उपचार, आरबीएसके और कैनकिड्स मिलकर देंगे मदद

Suresh Pal
3 Min Read

पीलीभीत।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत अब कैंसर से पीड़ित बच्चों को कैनकिड्स संस्था के सहयोग से नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसी उद्देश्य से मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आरबीएसके डॉक्टरों, ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों और बीसीपीएम के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 80 चिकित्सकों ने भाग लिया।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.सी. पंत, आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव कुमार तथा डीईआईसी प्रबंधक मोहम्मद जुबैर के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में ग्लैन कैंसर अस्पताल, बरेली की निदेशक डॉ. रितु भूटानी ने बच्चों में कैंसर के शुरूआती लक्षण, जांच, पहचान और समय पर रेफरल की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कैनकिड्स की सीनियर प्रोग्राम मैनेजर प्रीति रस्तोगी ने संस्था द्वारा कैंसर पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को उपलब्ध कराई जाने वाली उपचार, देखभाल और अन्य सहायता सेवाओं के बारे में बताया।कैनकिड्स के प्रोजेक्ट मैनेजर शशांक पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हर वर्ष 0 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 14,700 बच्चे कैंसर से प्रभावित होते हैं, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 42 प्रतिशत मरीज ही समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पाते हैं, जबकि 58 प्रतिशत बच्चे उपचार केंद्र तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में समय रहते पहचान और सही रेफरल से इलाज में देरी तथा असमय मृत्यु के मामलों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में कैंसर के शुरूआती लक्षण दिखाई दें तो घबराएं नहीं, क्योंकि बच्चों के कैंसर का उपचार संभव है। सहायता के लिए कैनकिड्स उत्तर प्रदेश की हेल्पलाइन 9811284406 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों के नि:शुल्क उपचार संबंधी जानकारी और सहायता के लिए डीईआईसी प्रबंधक मोहम्मद जुबैर के मोबाइल नंबर 7536844761 पर भी संपर्क किया जा सकता है।आरबीएसके के तहत बच्चों में जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने के साथ बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित हो सके।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *