पूरनपुर/पीलीभीत। विकासखंड पूरनपुर की ग्राम पंचायत मुड़ैनिया गांधीनगर में वन बंदोबस्त प्रक्रिया के चलते वर्षों से लंबित भूमिधरी अधिकारों का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ग्राम पंचायत के प्रशासक एवं अधिवक्ता मुकेश कुमार ने गुरुवार को डीएम पीलीभीत को ज्ञापन सौंपकर पात्र ग्रामीणों की भूमिधरी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र की भूमि वन बंदोबस्त प्रक्रिया के दायरे में होने के कारण भूमिधरी अधिकार प्रदान करने की कार्रवाई पूरी नहीं हो पा रही है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने वैध भूमि अधिकारों से वंचित हैं और उन्हें अनेक प्रशासनिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।मुकेश कुमार ने बताया कि भूमिधरी न होने के कारण किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऋण, भूमि से संबंधित अभिलेखीय कार्य, राजस्व विभाग की अन्य प्रक्रियाएं तथा कई आवश्यक सरकारी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों पर पड़ रहा है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वन बंदोबस्त की कार्रवाई लंबे समय से लंबित रहने के कारण ग्राम पंचायत के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि वन बंदोबस्त प्रक्रिया का शीघ्र निस्तारण हो सके और पात्र लोगों को उनके वैधानिक भूमिधरी अधिकार मिल सकें।प्रशासक मुकेश कुमार ने कहा कि ग्रामीण केवल अपने कानूनी अधिकारों की मांग कर रहे हैं। यदि भूमिधरी प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो किसानों और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के साथ-साथ भूमि संबंधी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा और वर्षों से लंबित भूमिधरी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा। इससे ग्राम पंचायत मुड़ैनिया गांधीनगर के विकास को नई गति मिलने के साथ ग्रामीणों को उनके वैधानिक अधिकार भी प्राप्त हो सकेंगे।
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वन बंदोबस्त में फंसी भूमिधरी प्रक्रिया, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
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