विद्युतीकरण योजना से जिले के हजारों किसान वंचित
छतरपुर। राज्य व केन्द्र सरकार भले ही किसान हितैषी होने का कितना भी बखान करे पर सरकार और अफसरों की किसानों के प्रति कितनी संवेदनशीलता है इसका उदाहरण छतरपुर जिले के किसानों के ऊपर मंडरा रहे संकट से देखा जा सकता है। जिले के हजारों किसानों के द्वारा कुओं तथा ट्यूबवेल तक विद्युत लाइन का विस्तार विद्युतीकरण योजना में पंजीयन कर रखा है। लेकिन बीते तीन वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी एक भी किसान को उक्त योजना का लाभ नहीं मिल सका। म.प्र. सरकार के द्वारा वर्ष 2018 में अनुसूचित-जाति के किसानों के कुओं, मजरों, टोलों तक विद्युतीकरण लाइन विस्तार योजना लागू कि गई थी। इस योजना में किसानों के ट्यूबेल कुओं तक नि:शुल्क विद्युत विस्तार किया जाना होता है। विद्युत विस्तार योजना की लागत म.प्र. सरकार के आदिम जाति कल्याण विभाग से किसानों को सब्सिडी के रूप में विद्युत विभाग को जारी करना होता है। राशि उपलब्ध होने पर विद्युत विभाग के द्वारा नि:शुल्क रूप से किसानों के खेतों तक विद्युत पहुंचाई जाती है। जिससे किसान आसानी के साथ फसलों की सिंचाई कर सकते है। छतरपुर जिले में बीते तीन वर्ष से आदि जाति कल्याण विभाग के द्वारा विद्युत विभाग को इस योजना के माध्यम से कोई भी राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई जिस कारण जिले के किसानों के सर पर भारी संकट मंडरा रहा है। हजारों किसानों के द्वारा ऑनलाइन पंजीयन करवा रखा है। लेकिन आदि-जाति कल्याण विभाग के द्वारा एक भी किसान को इस योजना का लाभ नहीं दिया गया है। जिले के अफसरों के द्वारा पत्राचार करके रस्म अदायगी की जाती है। बजट को जारी करवाने के लिए अफसरों के द्वार रुचि ही नहीं ली जा रही है। बिजावर अनुविभाग के शाहगढ़ निवासी संतोष खंगार के द्वारा जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी तक अफसरों के यहां अपनी पीड़ा जाहिर की गई। परेशानी में उल्लेख किया कि उनके द्वारा कर्ज लेकर खेत पर ट्यूबबेल करवाया गया था। लेकिन बिजली नहीं होने से फसल नहीं बो पाते है। जैसे-तैसे फसल बो ही देते है लेकिन सिंचाई का साधन नहीं होने से उपज नहीं मिल पाती है। उनका कहना है कि उनके ऊपर लगातार कर्ज का दबाव बढ़ता जा रहा है जिस कारण उन्हें अपना पृतक घर छोड़कर सड़क किनारे झोपड़ी बना परिवार सहित रहना पड़ रहा है।
भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष को नहीं है योजना की जानकारी
भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बृजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ बोबी राजा से जिले के हजारों किसानों को आदि-जाति कल्याण विभाग से इस योजना का लाभ नहीं मिलने के बारे में बात की गई तो उनके द्वारा इस योजना की जानकारी नहीं होने का हवाला दिया गया। जब उनको इस योजना के बारे में बताया गया तो उन्होंने चिंता जाहिर की और कहा कि मैं शीघ्र ही इस योजना का लाभ किसानों को दिलवाने का प्रयास करूंगा।
इनका कहना है:-
विभाग के द्वारा लगातार मंत्रालय में पत्राचार किया जा रहा है, करीब आधा दर्जन पत्र कई वर्षो से भेजे जा रहे है, लेकिन भोपाल स्तर से जिले को बजट नहीं जारी करने के कारण इस योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
डॉ. प्रियंका राय
जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग, छतरपुर

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