मध्य प्रदेश। एमपी के तीन बड़े कारोबारी घरानों पर पड़े आयकर छापों के सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। लोग यह तो समझ रहे थे कि देश के दूसरे हिस्सों के बाद एमपी में भी चुनाव से पहले कई जगह छापेमारी की जाएगी। बीते हफ्ते तीसरा बड़ा कारोबारी घराना भी इसकी चपेट में आ गया। तीसरी कार्यवाही तो अचानक अंजाम दी गई थी। कार्यवाही शुरू होने के बाद फिर से कुछ टीमें इस कार्यवाही का हिस्सा बनाई गईं। दरअसल, इन बड़े कारोबारियों के एमपी समेत दीगर राज्यों में भी कामकाज फैले हैं। शुरुआत इन सभी ने मध्य प्रदेश के भोपाल से ही की थी। अब ये देश के बड़े कारोबारियों में शामिल हो चुके हैं। इनकी सरकार से नज़दीकी के किस्से भी चौक-चौराहों पर किए जाने लगे हैं। लेकिन अब सियासी मायनों में इसे ‘दस्तावेज संग्रहण’ के तौर पर देखा जा रहे हैं। अब यह बात तो हम सब जानते-समझते हैं कि दस्तावेज संग्रहण के बाद सियासी नफा-नुकसान का आकलन करके समुचित समय पर उपयोग किया जा सकेगा।

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