हरिकेश द्विवेदी
पीथमपुर में ईएसआईसी अस्पताल की मांग को लेकर मजदूरों ने जताया अनोखे तरीके से पीथमपुर क्षेत्र में हजारों फैक्ट्रियों में लाखों मजदूर काम करते हैं. साथ ही आसपास के क्षेत्रों से 7 लाख के अधिक मजदूर वर्ग के लोग यहां रोजाना काम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए अप-डाउन करते हैं. लेकिन इस इलाके में ईएसआईसी अस्पताल नहीं होने से श्रमिकों के लिए समय पर मुफ्त इलाज की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है धार. मध्य प्रदेश स्थित धार के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में ईएसआईसी अस्पताल की मांग तेज हो चली है. अब श्रमिक अपनी मांगों को दीवारों पर लिखकर एक मिशन बनाने में लगे हुए है. बता दें पीथमपुर क्षेत्र में हजारों फैक्ट्रियों में लाखों मजदूर काम करते हैं. साथ ही आसपास के क्षेत्रों से 7 लाख के अधिक मजदूर वर्ग के लोग यहां रोजाना काम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए अप-डाउन करते है. लेकिन इस इलाके में ईएसआईसी अस्पताल नहीं होने से श्रमिकों के लिए समय पर मुफ्त इलाज की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है.
जानकारी के अनुसार कई वर्षों से श्रमिक ईएसआईसी अस्पताल की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें या तो निजी अस्पतालों में ज्यादा पैसा खर्च कर उपचार कराना पड़ता है या फिर 40 किलोमीटर दूर इंदौर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है. कई बार बड़ी दुर्घटना होने पर रेफर किए गए श्रमिक की मृत्यु रास्ते में ही हो जाती है. इस तरह की घटनाएं अब आम हो चली हैं. लिहाजा श्रमिकों में काफी रोष दिखाई देने लगा है.
कुछ श्रमिकों से जब एक न्यूज रिपोर्टर ने बातचीत की तो उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं. इस दौरान वो ईएसआईसी के छोटे अस्पताल में मौजूद तो थे, लेकिन काफी वक्त तक इंतजार के बाद भी अस्पताल नहीं खोला गया था. मरीजों का कहना है कि हर महीने उनकी तनख्वाह में से ईएसआईसी की कटोती कर ली जाती है, लेकिन उसका फायदा उन्हें नहीं मिल पाता है. सर्दी-खांसी और बुखार के अतिरिक्त सारा इलाज इंदौर में ही होता है. इस बीच श्रमिकों ने दीवारों पर स्लोगन लिखकर अस्पताल की मांग की. इस बात की चारों तरफ खूब चर्चा भी हो रही है. हालांकि विधायक प्रतिनिधि संजय वैष्णव से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया की पीथमपुर में ईएसआईसी अस्पताल के लिए जमीन तो आवंटित कर दी है शीघ्र ही काम शुरू कर दिया जाएगा.

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