पूरनपुर/पीलीभीत। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन द्वारा नियुक्त प्रशासकों के कार्यकाल में विकास कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कलीनगर तहसील एवं पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव गभिया सहराई में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में कथित तौर पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की मिलीभगत से गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। जानकारों के अनुसार, पुराने खरंजे के ऊपर नियमानुसार पहले 40 एमएम रोडा बिछाया जाना चाहिए, उसके बाद बालू व सीमेंट का मिश्रण डालकर इंटरलॉकिंग ईंटें लगाई जानी चाहिए। लेकिन कई स्थानों पर इन मानकों की अनदेखी कर जल्दबाजी में निर्माण कराया जा रहा है।शारदा नदी की तलहटी से लगे गांवों में अधिकारियों की निगरानी कम होने का लाभ उठाकर कथित रूप से घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्ता विहीन निर्माण के कारण सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेंगी और सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने की मांग की है।

