Showing posts with label MENU. Show all posts
Showing posts with label MENU. Show all posts

बांदा रोडवेज में 20 हजार लीटर डीजल का रहस्य !

No comments

Thursday, July 23, 2026



तीन कर्मचारी निलंबित, जांच अधिकारी ने ही खड़े किए हाथ; अब बड़े अफसरों की भूमिका पर सवाल

आत्माराम त्रिपाठी 

बांदा: चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के बांदा रोडवेज डिपो में करीब 20 हजार लीटर डीजल से जुड़े कथित खेल ने परिवहन निगम की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 8 जुलाई को डीजल से भरे टैंकर के पहुंचने और फिर उसे वापस किए जाने की घटना के बाद शुरू हुई जांच अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। डीजल सेक्शन के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन जिस व्यवस्था की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों के जिम्मे थी, वहां अब तक कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या पूरी जिम्मेदारी सिर्फ कर्मचारियों के सिर डालकर मामला खत्म करने की कोशिश हो रही है? मामले की जांच कर रहे सहायक अभियंता वित्त ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच से अलग होने की इच्छा जताई है। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और रिकॉर्ड में लंबे समय से अनियमितता की आशंका जताए जाने के बाद प्रकरण और गंभीर हो गया है। यदि इन दावों की पुष्टि होती है तो मामला एक टैंकर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही डीजल खरीद, स्टॉक और खपत की पूरी व्यवस्था जांच के घेरे में आ सकती है।

20 हजार लीटर डीजल का टैंकर पहुंचा, फिर वापस क्यों गया?: 8 जुलाई 2026 को करीब 20 हजार लीटर डीजल से भरा टैंकर बांदा डिपो पहुंचा था। बताया गया कि डिपो के टैंक में पहले से पर्याप्त डीजल मौजूद था। इसके बाद टैंकर को वापस भेजे जाने की बात सामने आई। यहीं से कई सवाल खड़े हुए। जब डिपो में पर्याप्त स्टॉक था तो इतनी बड़ी मात्रा में डीजल मंगाने की जरूरत क्यों पड़ी? आपूर्ति का आदेश किस स्तर पर जारी हुआ? टैंकर वापस करने का निर्णय किसने लिया? और यदि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत हुई तो जांच की नौबत क्यों आई? इन सवालों का जवाब अब तक स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि मामला महज डीजल की आवक-जावक से आगे बढ़कर पूरी खरीद और स्टॉक व्यवस्था की जांच की मांग तक पहुंच गया है।

तीन कर्मचारी निलंबित, निगरानी करने वाले अधिकारी कार्रवाई से बाहर?: जांच के बाद डीजल सेक्शन से जुड़े तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि यदि डीजल के रिकॉर्ड और स्टॉक व्यवस्था में गड़बड़ी हुई है तो क्या इसकी जिम्मेदारी केवल कर्मचारियों की है? डीजल सेक्शन की निगरानी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में क्यों नहीं है? खरीद से लेकर स्टॉक, वितरण और खपत तक की प्रक्रिया पर निगरानी रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी आखिर कौन तय करेगा? अगर नीचे के स्तर पर गड़बड़ी हुई, तो ऊपर बैठे जिम्मेदारों की जवाबदेही क्यों नहीं? यही सवाल अब पूरे मामले की निष्पक्षता पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर खड़ा है।

जांच अधिकारी ने भी लिखा—रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की आशंका: मामले की जांच कर रहे सहायक अभियंता वित्त ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच से खुद को अलग करने की इच्छा जताई है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में उन्हें डीजल से जुड़े दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। जांच अधिकारी के मुताबिक, मामला सिर्फ हालिया घटना तक सीमित नहीं हो सकता। रिकॉर्ड में यदि कई वर्षों से अनियमितता की आशंका है तो पुराने दस्तावेजों की पड़ताल करनी होगी। ऐसे में जांच का दायरा और समय दोनों बढ़ेंगे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका सामने आ चुकी है तो जांच को और मजबूत करने के बजाय जांच अधिकारी ही पीछे हटने की स्थिति में क्यों पहुंच गए? अब यह जिम्मेदारी उच्च अधिकारियों पर है कि वे जांच को किसी सक्षम और स्वतंत्र अधिकारी या टीम को सौंपते हैं या नहीं।

स्टेशन मास्टरों की भूमिका पर भी सवाल: प्रारंभिक जांच से जुड़े दावों में स्टेशन मास्टरों द्वारा समय-समय पर डीजल संबंधी रिकॉर्ड की पर्याप्त जांच नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है। यदि यह सही है तो सवाल उठता है कि वर्षों तक डीजल के रिकॉर्ड की निगरानी किस तरह होती रही? स्टॉक रजिस्टर, टैंकर की आपूर्ति, डीजल वितरण और बसों की खपत का मिलान नियमित रूप से क्यों नहीं किया गया? किसी भी सरकारी व्यवस्था में रिकॉर्ड की जांच केवल कागजी खानापूर्ति नहीं हो सकती। यदि रिकॉर्ड में गड़बड़ी लंबे समय तक पकड़ में नहीं आई तो यह निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता भी हो सकती है।

सिर्फ एक टैंकर की जांच से नहीं खुलेगा पूरा मामला: 20 हजार लीटर डीजल से जुड़े इस प्रकरण में यदि वास्तव में रिकॉर्ड में पुरानी अनियमितता की आशंका है तो जांच का दायरा केवल 8 जुलाई की घटना तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि रिकॉर्ड में दर्ज डीजल की खपत और बसों की वास्तविक खपत में कितना अंतर है। यही मिलान किसी संभावित वित्तीय अनियमितता की असली तस्वीर सामने ला सकता है।

रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदार कौन?: यदि दस्तावेजों में छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो जांच सिर्फ यह पता लगाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए कि कागज किसने बदले। यह भी तय होना चाहिए कि रिकॉर्ड तैयार करने, सत्यापित करने, मंजूर करने और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी किसकी थी।

किस अधिकारी ने कितने वर्षों तक रिकॉर्ड का सत्यापन किया? किसने स्टॉक की जांच की? किसने डीजल की खरीद और खपत के आंकड़ों को प्रमाणित किया? और यदि गड़बड़ी थी तो वह समय रहते पकड़ में क्यों नहीं आई? इन सवालों के जवाब के बिना तीन कर्मचारियों का निलंबन कार्रवाई से ज्यादा एकतरफा जिम्मेदारी तय करने जैसा दिखाई दे सकता है।

जांच लंबी खिंची तो उठेंगे और सवाल: मामले को लेकर यह आरोप भी सामने आ रहे हैं कि जांच को लंबा खींचे जाने से प्रकरण की गंभीरता कम करने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में जरूरी है कि जांच समयबद्ध हो, सभी दस्तावेज सुरक्षित किए जाएं और किसी भी संभावित रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गुंजाइश न छोड़ी जाए।

 जांच में पिछले कई 

वर्षों के

< डीजल खरीद रिकॉर्ड

< टैंकरों की आपूर्ति और आवक रजिस्टर

< स्टॉक रजिस्टर

< डीजल वितरण का हिसाब

< बसों की वास्तविक खपत

< भुगतान और बिल संबंधी दस्तावेज का मिलान किया जाना जरूरी होगा।

अब असली परीक्षा बड़े अधिकारियों की: बांदा रोडवेज का यह मामला अब केवल 20 हजार लीटर डीजल के एक टैंकर का नहीं रह गया है। तीन कर्मचारियों के निलंबन और जांच अधिकारी के जांच से हटने की इच्छा जताने के बाद मामला निगरानी तंत्र और अधिकारियों की जवाबदेही तक पहुंच गया है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले की स्वतंत्र जांच कराते हैं या नहीं। क्या पुराने रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे? क्या डीजल सेक्शन की निगरानी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी? क्या दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ की वास्तविकता सामने लाई जाएगी? और सबसे बड़ा सवाल—अगर गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या जिम्मेदारी तय करते हुए अफसरों तक भी पहुंचेगी? फिलहाल, इन सवालों के जवाब जांच के नतीजे पर टिके हैं। लेकिन इतना तय है कि 20 हजार लीटर डीजल का यह मामला अब बांदा रोडवेज की पूरी वित्तीय और रिकॉर्ड व्यवस्था की विश्वसनीयता की परीक्षा बन चुका है। आरोपों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी, मगर जांच अधिकारी द्वारा खुद जांच से अलग होने की इच्छा जताए जाने ने पूरे प्रकरण की गंभीरता और पारदर्शिता पर नए सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

UPSC सिविल सेवा 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी, शक्ति दुबे ने किया टॉप!

No comments

Saturday, August 23, 2025

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर हर्षिता गोयल और तीसरे स्थान पर डोंगरे अर्चित पराग ने अपनी जगह बनाई है। सफल उम्मीदवारों की सूची आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर देखी जा सकती है।  

सफलता की प्रेरक कहानियाँ

​इस वर्ष के परिणाम एक बार फिर देश के युवाओं के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत को दर्शाते हैं। टॉपर शक्ति दुबे ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और निरंतर पढ़ाई को दिया है। उन्होंने कहा, "यह मेरा सपना था, जिसके लिए मैंने वर्षों तक परिश्रम किया है। आज यह सपना साकार हो गया है।" इसी तरह, टॉपर्स की सूची में शामिल कई उम्मीदवार सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण सफलता प्राप्त की है।

कुल 1009 उम्मीदवार सफल घोषित

​इस वर्ष, आयोग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 1009 उम्मीदवारों की सिफारिश की है। यह परिणाम तीन चरणों - प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार - में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। साक्षात्कार प्रक्रिया 17 अप्रैल, 2025 को संपन्न हुई थी।  

​सफल उम्मीदवारों को अब उनकी रैंक और वरीयता के आधार पर विभिन्न सेवाओं में आवंटित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई दी और देश सेवा के लिए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जो उम्मीदवार इस बार सफल नहीं हो पाए, उन्हें निराश न होने और नए उत्साह के साथ फिर से प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

​उम्मीदवार अपना विस्तृत परिणाम और अंक सूची देखने के लिए यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जा सकते हैं।  

आईआईएमसी एलुमनी मीट कनेक्शन्स लखनऊ में संपन्न

No comments

Monday, April 15, 2024

 


लखनऊ.आईआईएमसी एलुम्नाई एसोसिएशन के उत्तर प्रदेश चैप्टर ने शनिवार की शाम सालाना जलसा कनेक्शन्स लखनऊ का आयोजन किया। कार्यक्रम में भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई के बाद पूरे यूपी में अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा दे रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।कर्यक्रम में इमका कनेक्शन्स 2024 की स्मारिका का विमोचन किया गया। समारोह में भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के शिव कुमार त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।चै प्टर के अध्यक्ष मणेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष यूपी चैप्टर को दिल्ली में आयोजित ग्लोबल मीट में कनेक्टिंग चैप्टर ऑफ द ईयर का अवार्ड मिला है। समारोह को एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रसाद सान्याल, उपाध्यक्ष पूजा मिश्रा, आजीवन सदस्य प्रभाष झा, सायरा नईम, कमलेश राठौर, तरुण निशांत, पंचानन मिश्रा, प्रियंका सिंह, अर्चना सिंह, राशि लाल, रीतेश वर्मा समेत अन्य लोगों से संबोधित किया.

तालाब पाट कर भू-माफियाओं ने कर दिया प्लाटिंग

No comments

Saturday, March 4, 2023



राकेश केशरी

कई बार शिकायत के बाद कार्रवाई से कतरा रहें अफसर

कौशाम्बी। सिराथू इलाके के भड़ेसर ग्राम सभा में भू-माफियाओ ने ढाई बीघा के तालाब पर प्लाटिंग कर दिया है। आरोप है भडेसर ग्राम सभा में आराजी संख्या 924 (क) ढाई बीघा का तालाब है। भू-माफियाओं ने अफसरों से सांठगांठ कर तालाब पाट कर प्लाटिंग कर दिया है। साथ ही आधे हिस्से में चहरदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया है। शिकायत के बाद दूसरे ग्राम सभा के तालाब को दिखाकर अफसर मामले को निपटाने में लगे हुए है। सिराथू तहसील के भडेसर ग्राम सभा में आराजी संख्या 924 (क) ढाई बीघे का तालाब सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। लम्बे अर्से से तालाब समतल पड़ा हुआ था। खाली पडे तालाबी भूमि पर माफियाओं की नजर लगी हुई थी। आरोप है कि लगभग एक वर्ष से पहले भू-माफियाओं ने अफसरों के गठजोड से खाली पडे तालाबी के आसपास की जमीन खरीद कर तालाबी भूमि पर कब्जा कर लिया है। साथ ही आधे से अधिक हिस्से में प्लाटिंग कर बेचना भी शुरू कर दिया है। साथ ही आधे से अधिक हिस्से में चहरदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया है। विभागीय सूत्र बताते है कि तालाबी भूमि बेसकीमती होने से माफिया ने कब्जे के लिये मुह मागी कीमत चुका दिया है। इससे आराजी से लगे हुए विछौरा ग्राम सभा में स्थित तालाब को 924 (क) का हिस्सा दिखाकर निपटाने में लगे हुए है। लगातार शिकायत के बाद नापजोख कर मामले को टरका दिया गया है। नापजोख होने के महीनों बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणो ने शिकायत के बाद कार्रवाई न होने का इल्जाम लगया है। शनिवार को मामले की शिकायत अफसरों से किया है। वही मामले में जिलाधिकारी सुजीत कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है यादि ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।


आज मनाया जायेगा, अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस,आयोजित होगे कार्यक्रम

No comments



राकेश केशरी

कौशाम्बी। प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी विश्व महिला दिवस/अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस ( 8मार्च) के अवसर पर रविवार 5 मार्च को जनपद मुख्यालय मंझनपुर पर मनाया जायेगा। इस बार कार्यक्रम की  थीम स्वस्थ्य महिला स्वस्थ भारत के अर्न्तगत मनाया जायेगा यह जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुष्पेंद्र कुमार ने दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जिसके अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा जिसमे  शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए साइकलिंग, साइक्लोथॉन, साइकिल रैली या साइकिल फॉर हेल्थ, थीम के अनुरूप परिवार के अन्य सदस्यों को भी समानता का वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया जायेगा तथा विशेषकर महिलाओं से संबंधित स्वास्थ्य पर ध्यान देने योग्य बात व्यवहार पर क्रेंद्रित किया जायेगा। डॉ0 सुष्पेंद्र ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंझनपुर से प्रात: 10 बजे शुरू किया जायेगा तदुपरांत इसे सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोग प्रतिभाग करे तथा लोगों को जागरूक करना होगा जिस्म सभी का सहयोग अमूल्य हैं। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार शासन प्रशासन, एन.सी.सी., एन.एस.एस. के महिला अधिकारी कर्मचारी द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा।


मंझनपुर समाधान दिवस में 20 शिकायतों में दो का हुआ निस्तारण

No comments



राकेश केशरी

डीएम व एसपी ने तहसील मंझनपुर में सुनी जनशिकायतें

कौशाम्बी। जिलाधिकारी सुजीत कुमार एवं पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने तहसील मंझनपुर में आमजन की शिकायतों को सुना एवं सम्बन्धित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण व समयान्तर्गत निस्तारित करने के निर्देश दियें। जिलाधिकारी ने राजस्व से सम्बन्धित शिकायतों पर राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर शिकायत को निस्तारित करने के निर्देश दियें। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को 7 दिन के अन्दर निस्तारित किया जाय तथा आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायत को समयान्तर्गत निस्तारित किया जाय, कोई शिकायत डिफाल्टर न होने पाये। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 20 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से 2 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। समाधान दिवस में शिकायतकर्ता शंकर लाल निवासी- गॉधीनगर,मंझनपुर द्वारा प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि विपक्षी द्वारा उनकी भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को जॉचकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दियें। इसी प्रकार शिकायतकर्ता ननकी देवी, निवासी-ग्राम मीरापुर द्वारा प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि उनकी पट्टे वाली भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को जॉचकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दियें। तहसील सिराथू में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से 2 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया तथा तहसील चायल में कुल 26 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से 2 शिकायत का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 रवि किशोर त्रिवेदी, उप जिलाधिकारी प्रखर उत्तम एवं क्षेत्राधिकारी योगेन्द्र कृष्ण नारायण सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।


पूजा पाल का सनसनीखेज खुलासा: पति राजू पाल को अपनी हत्या का अंदेशा पहले ही हो चुका था

No comments



प्रयागराज। राजू पाल की पत्नी एवं सपा विधायक पूजा पाल का कहना है कि उनके पति को अपनी हत्या का अंदेशा पहले ही हो गया था। पूजा ने कहा कि वह मुझसे कहते थे कि सोनी (पूजा पाल) जब से मैंने चुनाव जीता है तब से अतीक अहमद, अशरफ, आबिद आदि मेरी हत्या करना चाहते हैं।  साल 2005 में बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की गोली मारकर हुई हत्या के 18 वर्ष बीतने के बाद इस हत्याकांड की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही है। राजू पाल की पत्नी एवं सपा विधायक पूजा पाल का कहना है कि उनके पति को अपनी हत्या का अंदेशा पहले ही हो गया था।  पूजा ने कहा कि वह मुझसे कहते थे कि सोनी (पूजा पाल) जब से मैंने चुनाव जीता है तब से अतीक अहमद, अशरफ, आबिद आदि मेरी हत्या करना चाहते हैं। पूजा ने यह बात शुक्रवार को मीडिया के समक्ष साझा की। 

विधायक पूजा ने कहा कि उनके पति ने जो बातें उनसे 18 वर्ष पहले की थीं, वह सभी बातें कोर्ट को भी बताई हैं। कहा कि वह 18 वर्ष से पूरी ईमानदारी से स्व. राजू पाल का मुकदमा लड़ रही हैं। अब यह केस अंतिम पड़ाव पर है। उमेश पाल हत्याकांड को लेकर योगी सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो पूजा ने कहा कि वह योगी सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।  हालांकि उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग जरूर की। कहा कि मैंने अपने लिए वाई श्रेणी की सुरक्षा सरकार से मांगी है। अन्य गवाहों की सुरक्षा के लिए भी सरकार से मांग की है। पूजा के अनुसार सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।

मेरे और अखिलेश के विचार एक

पूजा ने कहा कि उनके और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के विचार एक जैसे ही हैं। अखिलेश यादव माफिया को पसंद नहीं करते हैं। इसी वजह से वर्ष 2017 में उन्होंने अतीक अहमद को टिकट नहीं दिया। अखिलेश महिलाओं का दुख समझते हैं, इसी वजह से मैंने सपा ज्वाइन की। पूजा ने कहा कि वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें भाजपा में शामिल होने का आॅफर मिला था। तब स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुझसे संपर्क कर भाजपा ज्वाइन करने की बात कही थी। लेकिन मैंने भाजपा में जाना उचित न समझा। पूजा ने कहा कि उमेश पाल भी समाजवादी थे। उनकी फाफामऊ से चुनाव लड़ने की इच्छा थी, लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली।

राजूपाल हत्याकांड पर मेरी हो चुकी है गवाही

पूजा पाल ने शहर पश्चिमी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह पर भी निशाना साधा। पूजा ने कहा कि उनपर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने राजू पाल हत्याकांड पर गवाही नहीं दी है। इसके लिए मैंने दो दिन पूर्व ही सीएम योगी और सिद्धार्थनाथ को ट्वीट कर कहा है कि स्व. राजू पाल के केस में माफिया अतीक के खिलाफ मेरी गवाही सीबीआई कोर्ट नंबर एक पर हो गई है। लोग मेरे ऊपर झूठा आरोप लगा रहे हैं कि मैंने गवाही नहीं दी है।

मैं खरा सोना, मुझे पहचान नहीं सकीं मायावती

मायावती के ट्वीट कि पूजा ने बसपा छोड़ सपा ज्वाइन की, पर पूछे गए सवाल पर विधायक पूजा पालने कहा कि मैं उन्हें याद दिलाना चाहती हैं कि मैने बसपा छोड़ी नहीं, बल्कि मुझे वहां से निकाला गया। मैं खरा सोना थी, मुझे मायावती पहचान नहीं सकीं। जब उन्होंने मुझे निष्कासित किया था तब भी मैंने एक शब्द नहीं बोला। मैंने उन्हें हमेशा मां का दर्जा दिया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से हुई एक मुलाकात के बाद यहां बसपा कोआर्डिनेटर अशोक गौतम को लगा कि मैं भाजपा ज्वाइन करने जा रही हूं, जबकि मैं डिप्टी सीएम के पास राजू पाल केस के सिलसिले में मिलने गई थी।


दर्दनाक हादसा: डंपर ने कार को टक्कर मारकर 100 मीटर तक घसीटा, छह दोस्तों की मौत

No comments



फरीदाबाद। हरियाणा के पलवल में दर्दनाक हादसा हुआ। एक डंपर ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद डंपर ने कार को 100 मीटर तक घसीटा। हादसे में छह दोस्तों की मौत हो गई। सभी दोस्त जन्मदिन की पार्टी के बाद गुरुग्राम से लौट रहे थे।  गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर गुरुवार देर रात सड़क हादसे में छह युवकों की मौत हो गई। सभी पलवल के कैंप इलाके के रहने वाले थे। सभी रात करीब डेढ़ बजे गुरुग्राम से जन्मदिन की पार्टी कर लौट रहे थे, तभी युवकों की कार को क्रशर से भरे एक डंपर ने टक्कर मार दी।  आरोपी चालक टक्कर मारने के बाद भी डंपर रोकने की बजाय भगाता रहा। सभी युवक कार सहित डंपर के अगले दो पहियों के बीच में फंस गए। करीब 100 मीटर तक घसीटे जाने के कारण कार के परखच्चे उड़ गए और सभी युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर मांगर चौकी व धौज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कार से बाहर निकाले।  आरोपी डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने डंपर कब्जे में ले लिया है। मृतकों की पहचान पलवल स्थित जवाहर नगर कैंप निवासी विशाल सेठी (18), पुनीत (27), बलजीत (27), जतिन (26), संदीप (28) व आकाश उर्फ नोनी (29) के रूप में हुई है। सभी गुरुग्राम से पलवल जा रहे थे। सभी दोस्त थे और जवाहर नगर कैंप में रहते थे। थाना धौज प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश डागर ने बताया कि वह सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंच गए थे। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और सभी युवकों के शव कार में फंसे हुए थे। पुलिस ने गैस कटर व अन्य उपकरणों से कार को काटकर सभी को बाहर निकाला। 

अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। आरोपी डंपर चालक ने कार को कई मीटर तक घसीटा। जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास नाकाबंदी कर दी री। खुद को फंसता देख आरोपी चालक घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर डंपर छोड़कर फरार हो गया।

एक दोस्त ने जाने से कर दिया था इंकार

परिजनों ने बताया सभी युवक जन्मदिन की पार्टी में जाने की बात कहकर निकले थे। मृतकों का एक दोस्त रिंकू पलवल में उनके घर के पास ही रहता है। गुरुवार को उसका जन्मदिन था। दोस्त चाहते थे कि सभी गुरुग्राम में पार्टी करें लेकिन रिंकू ने जाने से मना कर दिया। इस पर सभी ने केक मंगाकर पलवल में ही पार्टी कर ली थी। इसके बाद रिंकू के अलावा सभी दोस्त कार से गुरुग्राम निकल गए।

Don't Miss
© all rights reserved
Managed by 'Todat Warta'