लखनऊ। इटौंजा के तुर्की गांव निवासी विवाहिता हिमांशी कश्यप की मौत गुत्थी बन गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ससुराल वालों के बयान और सुसाइड नोट में विरोधाभास पुलिस को उलझा रहा है कि यह हत्या है या आत्महत्या। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस अब स्टेट मेडिको लीगल सेल से राय ले रही है। इसके लिए पत्राचार भी किया जा रहा है। हिमांशी का शव 13 जुलाई को नगराम स्थित इंदिरा नहर में लावारिस हालत में मिला था। 16 जुलाई को मायके वालों ने फोटो देखकर शव की पहचान की। 18 जुलाई को शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। सीएमओ दफ्तर से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने को मौत का कारण बताया गया है। यह चोट दशार्ती है कि हिमांशी की हत्या कर शव नहर में फेंका गया। वहीं, हिमांशी की मौत के मामले में गिरफ्तार पति और ससुराल वालों ने पुलिस को बयान दिया। उन्होंने बताया कि हिमांशी ने फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। डर के कारण पति, सास और ननद ने हिमांशी के शव को चिनहट इलाके में इंदिरा नहर में फेंक दिया था। पुलिस को हिमांशी की ससुराल से उनके हाथ का लिखा सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें हिमांशी ने पति व ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। जांच कर रही पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपियों के बयान और सुसाइड नोट को लेकर उलझ गई है। एसीपी बख्शी का तालाब विकास पांडेय ने बताया कि अब तक की जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कारण विवेचना उलझ गई है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर स्टेट मेडिको लीगल सेल के एक्सपर्ट की राय ली जा रही है। एक्सपर्ट की राय आने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी। सीतापुर निवासी हिमांशी की शादी 26 फरवरी को अधिवक्ता प्रदीप गौड़ से हुई थी। वे इटौंजा के तुर्की गांव में परिवार के साथ रह रहे थे। 11 जुलाई को रात करीब 9:30 बजे हिमांशी ने पिता पवन को फोन कर कहा कि उसे वहां से ले जाएं, नहीं तो ससुराल वाले उसे मार डालेंगे। 12 जुलाई को मायके वाले इटौंजा स्थित ससुराल पहुंचे तो घर पर ताला लगा था और सभी के मोबाइल नंबर बंद थे। पिता पवन की तहरीर पर सास सुनीता गौड़, ससुर श्रीराम, ननद प्रीति, राखी, जेठ संदीप कुमार, पति प्रदीप और भांजे शिवा के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज हुई। संदीप को छोड़कर बाकी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

