जबलपुर। हाई कोर्ट ने एक राहतकारी आदेश के जरिये दुर्घटना मृत्यु दावा की राशि चार लाख 87 हजार 424 रुपये की बढ़ोतरी कर भुगतान करने के निर्देश दिए। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यह अतिरिक्त राशि मृतक की पत्नी के नाम पर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक या पोस्ट आफिस में मासिक आय योजना के तहत जमा कराई जाए, ताकि उसे ब्याज के रूप में आय मिल सके। सतना निवासी अंकिता सेन ने याचिका दायर कर बताया कि उसका पति एक सेलून में काम करता था और उसकी रोज की आय एक हजार से 12 सौ रुपये तक थी। एक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रमेन्द्र सेन ने कोर्ट को बताया कि दुर्घटना दावा अधिकरण ने मृतक की आय 282 रुपए के मान से जोड़ी और उसे अकुशल श्रमिक माना। बहस के दौरान दलील दी गई कि मृतक एक कुशल श्रमिक था, इसलिए उसी हिसाब से न्यूनतम आय की गणना होनी चाहिए। अधिकरण ने 14 लाख 12 हजार 320 रुपये का मुआवजा तय किया था। हाई कोर्ट ने छह प्रतिशत ब्याज के साथ 4 लाख 87 हजार 424 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश सुना दिया।

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