सागर। नाबालिग से बलात्कार करने वाले आरोपित को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) एवं अपर सत्र न्यायाधीश, तह. देवरी की अदालत ने दोषी करार देते हुए धारा 376(3)के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी लक्ष्मी प्रसाद कुर्मी ने की।
जानिये पूरा मामला
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 6 नवम्बर 2019 को पीड़िता ने रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 26 दिसम्बर 2020 को जब वह रात करीब 12 बजे बाथरूम के लिए अपनी टपरिया के बाहर निकली तो आरोपित अरविंद अहिरवार खड़ा था जिसने उसे बुलाया तो वह उसके पास चली गई। इसके बाद आरोपित उससे छेड़छाड़ करने लगा। उसने कहा कि वह अपने मम्मी पापा से बोल देगी, लेकिन जब वह अपने घर जाने लगी तो आरोपित ने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसका मुंह दबाकर उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। पीड़िता ने जब शोर मचाया तो उसके घर वाले आ गए, जिन्हें देखकर आरोपित भाग गया। इसके बाद उसने अपने माता-पिता के साथ थाने आकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया। साक्ष्य एकत्रित कर थाना-देवरी द्वारा धारा- 376(3)ए, 376(2)आई एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम धारा-3/4 का अपराध दर्ज करते हुए चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया, जहां विचारण के बाद न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) एवं अपर सत्र न्यायाधीश तह. देवरी के न्यायालय ने आरोपित को धारा 376(3) के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रूपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।

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