जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व निर्देश के पालन में जबलपुर के तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी व वर्तमान नरसिंहपुर कलेक्टर रोहित सिंह शुक्रवार, चार नवंबर को हाजिर हुए। समयाभाव के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। लिहाजा, हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगले शुक्रवार को एक बार फिर से हाजिर होकर अपना बयान दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए। इससे पूर्व चुनाव याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी जितेंद्र अवस्थी ने तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी और वर्तमान एडीशनल कलेक्टर नम: शिवाय अरजरिया की गवाही प्रक्रिया के दौरान कलेक्टर नरसिंहपुर रोहित सिंह की मौजूदगी पर ओपन कोर्ट में आपत्ति जताई। न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की एकलपीठ ने आपत्ति को मंजूर करते हुए अरजरिया की गवाही रिकार्ड होने तक कलेक्टर सिंह को कोर्ट रूम से बाहर जाकर प्रतीक्षा करने की व्यवस्था दे दी गई।इसी के साथ अरजरिया का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को गति दी गई। अपने बयान में अरजरिया ने स्वीकार किया कि आरटीआइ के तहत चुनाव याचिकाकर्ता को पूर्व में सीडी सहित जो दस्तावेज सौंपे गए हैं, वे पूर्णत: सही हैं, उनकी सत्यता निर्विवाद है अरजरिया ने इस बात को पूर्व में भी स्वीकार कर चुके थे कि जो सीडी और दस्तावेज दिए गए हैं, उनमें कोई कांट-छांट नहीं की गई है।इस बयान को रिकार्ड पर लेने के साथ हाई कोर्ट ने चुनाव याचिकाकर्ता को निर्देश दिए थे कि वे साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत मूल दस्तावेजों के साथ आवेदन पेश करें। शुक्रवार को अरजरिया के बाद भोपाल से आईं नायब तहसीलदार व तत्कालील सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रीति नागेश का बयान भी दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने अरजरिया के बयान का समर्थन करने हुए गवाही पूर्ण की।
कलेक्ट्रेट से बाहर निकलवाने का मामला :
यह मामला बरगी विधानसभा चुनाव से संबंधित है। चुनाव याचिकाकर्ता जितेंद्र अवस्थी 2018 के विधानसभा चुनाव के पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अंतिम तिथि को नामांकन पत्र भरने के लिए जबलपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। रिटर्निंग आफिसर ने उन्हें पुलिस से कलेक्ट्रेट के बाहर करवा दिया। इसकी वजह से वे नामांकन पत्र नहीं भर पाए थे। इसके बाद आरटीआइ के तहत उन्होंने उक्त घटना की वीडियो-सीडी व अन्य दस्तावेज प्राप्त किए।

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