जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि सीएम हेल्पलाइन की सूचना व सरकार द्वारा स्वीकृति के बावजूद ग्राम पंचायत सचिव को मानदेय की अंतर राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस रवैये को आड़े हाथों लेते हुए न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने जिला पंचायत नरसिंहपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि यदि याचिकाकर्ता पात्र है तो उसे 30 दिन के भीतर मानदेय की अंतर राशि का भुगतान कर दिया जाए। याचिकाकर्ता नरसिंहपुर के पलोहा (छोटा) ग्राम पंचायत सचिव सत्येन्द्र कुर्मी की ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि वर्ष 2008 से 2019 के बीच की मानदेय अंतर राशि 13 लाख 27 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। जुलाई 2021 में राज्य शासन के वित्त विभाग ने उक्त राशि स्वीकृत कर दी है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने जिला प्रशासन स्तर पर कई अभ्यावेदन दिए। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई और वहां से भी राशि स्वीकृति की सूचना मिल गई। इसके बावजूद ग्राम सचिव को भुगतान नहीं किया गया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अभ्यावेदन के साथ राज्य शासन की स्वीकृति व सीएम हेल्पलाइन की सूचना की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की व्यवस्था दे दी, जिसके बाद नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करना होगा।

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