जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आत्मरक्षा से जुड़े मामले में पिता-पुत्र को राहत दे दी दोनों सात अप्रैल, 2022 से जेल में बंद थे, जमानत मिलने के साथ ही उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई। आवेदक रायसेन निवासी पिता नेपाल सिंह कोली व पुत्र सौरभ कोली की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा, शिवम शर्मा व अमित स्थापक ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जिस मामले में आवेदकों को आरोपित बनाया गया है, उसका मूल संबंध आत्मरक्षा में हमला करने से है न कि इरादतन हत्या से है। इसके बावजूद हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध कायम कर लिया गया। दोनों लंबे समय से जेल में हैं, अत: जमानत मिलनी चाहिए।
दरअसल, एक रोज सौरभ घर के बाहर अपने एक मित्र के साथ खड़ा था। मां से दरवाजे से कहा कि भीतर आओ, इतनी रात में बाहर खड़ा होना ठीक नहीं। मित्र शराब के नशे में था, अत: उसे लगा कि उसके विरुद्ध बोला जा रहा है, अत: उसने सौरभ की मां को गाली देना शुरू कर दिया। यही नहीं चाकू निकालकर हमला भी कर दिया। यह देखकर नेपाल सिंह कोली बचाव की मंशा से राड लेकर दौड़े। सौरभ ने भी आत्मरक्षा में पत्थर उठा लिया इसी दौरान दोनों पक्ष लहूलुहान हो गये। रात में 10.37 बजे पिता-पुत्र ने थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। इधर घायल मित्र उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी देर रात मौत हो गई। लिहाजा, उसके स्वजनों ने रात 1.37 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई।

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