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स्टार्टअप का हब बन रहा मध्‍य प्रदेश, देश में इंदौर 14वें और भोपाल 29वें स्थान पर

Monday, January 2, 2023

/ by Today Warta



विश्व स्तरीय ईको सिस्टम प्रदान करने वाले राज्यों में मध्‍य प्रदेश शामिल

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश अब स्टार्टअप का हब बन रहा है। प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो स्टार्टअप के लिए विश्व स्तरीय ईको सिस्टम प्रदान करते हैं। स्टार्टअप ब्लिंक की रिपोर्ट के अनुसार देश में इंदौर 14वें और भोपाल 29वें स्थान पर है।

1100 से अधिक स्टार्टअप महिला उद्यमियों द्वारा चलाए जा रहे

प्रदेश के 2500 से अधिक स्टार्टअप भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से 1100 से अधिक स्टार्टअप महिला उद्यमियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में 45 से अधिक इंक्यूबेटर प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप को विकसित करने के लिए कार्यरत हैं। केंद्र सरकार का कपड़ा परिधान मंत्रालय का इंक्यूबेशन सेंटर ग्वालियर में है।

एमपी स्टार्टअप नीति और कार्यान्वयन योजना 2022

देश में स्टार्टअप आंदोलन को गति देने और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोडमैप 2023 के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए, राज्य सरकार ने "एमपी स्टार्टअप नीति और कार्यान्वयन योजना 2022" शुरू की है। इससे मध्य प्रदेश के मौजूदा ईको सिस्टम को और बेहतर बनाने के साथ ही जनता के बीच उद्यमिता और नवाचार की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य 'स्टार्टअप रैंकिंग' में राज्य को अग्रणी बनाना है। इसके लिए योजना में स्टार्टअप और इंक्यूबेटर के लिए सिंगल विंडो एजेंसी स्थापित करते हुए 'एमपी स्टार्टअप सेंटर (एमपीएससी)' स्थापित किया गया है 'एमपीएससी' स्टार्टअप को सदस्यता देता है और मंजूरी पाने और पूंजी जुटाने में सहायता करता है।

इंवेस्टर्स समिट में होगा विशेष सत्र का आयोजन

इंदौर में 11 व 12 जनवरी 2023 को होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023' के दौरान 'एमपी स्टार्टअप ईको सिस्टम' पर विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरकार की नीतियों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। निवेशकों, वेंचर केपिटल फंड और मीडिया हाउस की उपस्थिति में 'ए स्टार्टअप जर्नी - सीड टू यूनिकार्न एंड बियांड' विषय पर पैनल डिस्कशन होगा।

एआइएफ में 10 करोड़ के निवेश की बनाई जा रही योजना

राज्य सरकार पांच भारतीय एआइएफ (वैकल्पिक निवेश कोष) में 10 करोड़ रुपये का निवेश करने की भी योजना बना रही है, जो राज्य के स्टार्टअप में कई गुना निवेश करेगा। राज्य स्टार्टअप और इंक्यूबेटर को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित करता है। स्टार्टअप को 60 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।

44 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप की प्रवर्तक महिलाएं

प्रदेश में वर्ष 2016 में डीपीआइआइटी से मान्यता प्राप्त सिर्फ सात स्टार्टअप थे, अब डीपीआइआइटी से मान्यता प्राप्त लगभग 2584 से अधिक स्टार्टअप प्रदेश में हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इनमें 44 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप की प्रवर्तक महिलाएं हैं। मध्य प्रदेश के स्टार्टअप एरोनाटिक्स, रक्षा, कृषि, एआइ एनिमेशन, फैशन, फिन-टेक, खाद्य प्रसंस्करण जैसे विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत है। इन स्टार्टअप में शीर्ष पांच क्षेत्र आइटी परामर्श, निर्माण और इंजीनियरिंग, कृषि-तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, व्यवसाय सहायता सेवाएं प्रमुख हैं।

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