स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन तक उठायी आवाज
ललितपुर। ग्राम पंचायत जमुनिया के ग्राम मादौन, चीराकोड़ स्थित श्री श्री 1008 श्रीरामजानकी मंदिर सुम्मेरगढ़ पहाड़ के महन्त विश्रामदास महाराज ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजते हुये दबंगों, माफियाओं द्वारा वृक्षों के अवैध कटान किये जाने से पहाड़ी की प्राचीनता और स्वरूप को बिगाडऩे का आरोप लगाया है। महन्त ने मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से करायी जाकर कार्यवाही किये जाने की गुहार लगायी है।
शिकायती पत्र में महन्त विश्रामदास महाराज ने बताया कि ललितपुर की तहसील के अन्तर्गत ग्राम पंचायत जमुनिया के ग्राम मादौन, चीराकोडर स्थित सुमेरगढ पहाड पर 17 वीं शताब्दी ई.का श्रीराम जानकी मन्दिर स्थित है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना संख्या 1161/4-03, दिनांक- 01.05.2003 द्वारा राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है, कि मर्णिराम छावनी परम्परा के अनुसार उक्त मन्दिर को सन- 1864 से मर्णिराम छावनी के महन्त उक्त मन्दिर की पूजा पाठ व संरक्षण का कार्य देखते व करते आ रहे है। महन्त शत्रुहन दासजी महाराज 1864 से 1894 तक, महन्त प्रहलादासजी महाराज 1894 से 1924 तक, महन्त मंगलदासजी महाराज 1924 से 1944 तक, महन्त बालमुकुन्द दासजी महाराज 1944 से 1954 तक, महन्त लालबाबाजी महाराज 1954 से 1968 तक, महन्त बैराबाबाजी महाराज 1968 से 1988 तक, महन्त कमलदासजी महाराज 1988 से 2008 तक व महन्त विश्रामदासजी महाराज 2008 से अब तक पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। बताया कि डा.सुरेश कुमार दुबे सहायक पुरातत्व अधिकारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई (बुन्देलखण्ड क्षेत्र) राजकीय संग्राहलय परिसर झांसी उत्तर प्रदेश के पत्रांक क्रमांक 399/चतुर्थ 09 (02)/20 दिनांक- 13 फरवरी 2020 के पत्रांक अनुसार कहा गया है कि वर्तमान समय में मन्दिर परिसर में बाबा श्री विश्राम दास (मर्णिराम छावनी) परम्परा अनुसार विगत कई वर्षो से पूजा अर्चना करते चले आ रहे है, इनके मन्दिर परिसर में निवास करने से पुरातत्व विभाग को कोई आपत्ति नही है, अपितु इनके मन्दिर परिसर में विद्धमान रहने से पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत की सुरक्षा में सहयोग प्राप्त हो रहा है। उपरोक्त पत्रांक के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा मन्दिर की सुरक्षा व्यवस्था एवं वर्तमान में पूजा अर्चना कर रहे है, श्री विश्राम दास जी महाराज की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही लगातार की जा रही है, जिससे यह प्रतीत होता है, कि शासन प्रशासन उपरोक्त मन्दिर व विश्राम दास जी महाराज की सुरक्षा हेतु गम्भीर नही है, कि भूमाफिया अवैध खनन माफियाओं द्वारा लगातार मन्दिर परिसर व सुमेरगढ पहाड को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कि मर्णिराम छावनी परम्परा के अनुसार रह रहे सन्त महात्माओं ने उपरोक्त पहाडी के नीचे स्थित जगह पर गौवंश को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक गौशाला का निर्माण किया था, जिसे भूमाफियाओं व अवैध खनन माफियाओं द्वारा नष्ट कर दिया गया है व उक्त लोग समय-समय पर वहां विचरण करने वाले गौवंशों को चुरा ले जाते है। कि पूर्व में महन्त जी द्वारा कई बार शासन प्रशासन को उक्त समस्या से लगातार अवगत कराया जा रहा है, लेकिन शासन प्रशासन द्वारा व क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों द्वारा वर्तमान महन्त श्री विश्रामदास जी महाराज को लगातार परेशान किया जाता है व थाना जाखलौन व चौकी धौर्रा में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा आये दिन वर्तमान में गौशाला परिसर में निवास कर रहे महन्त श्री विश्रामदास जी महाराज के साथ गाली गलौच करते हुये बेईज्जत किया जाता है, और कहा जाता है कि यह स्थान छोडकर कही दूर चले जाओं, वरना तुम जीवित नही रहोगे, इनके इस कृत्य में क्षेत्र में तैनात लेखपाल व कानूनगों का भी सहयोग रहता है, ये लोग भी पुलिस कर्मियों के साथ वहां अवैध खनिज माफियाओं व गौचर की भूमि पर खेती कर रहे दबंग भूमाफियों सुनील यादव, नीरज यादव, सोनू यादव पुत्रगण भागीरथ यादव व नीरज कुशवाहा, गजराज कुशवाहा पुत्रगण सुम्मे कुशवाहा से रूपये लेकर बाबा से अवैध धन की मांग के लिये लगातार अपने विभिन्न कृत्यों से परेशान करते है। कि भूमाफियाओं व अवैध खनन माफियाओं द्वारा लगातार अवैध तरीके से खनन किया जा रहा है, एवं सुमेरगढ पहाड पर स्थित पेड पौधों का लगातार अवैध कटान किया जा रहा है। कि माननीय उच्च न्यायालय की रिट-सी संख्या-22050 वर्ष 2021 में 24 नवम्बर 2021 को शासन प्रशासन को आदेशित किया है कि 24 घण्टे के अन्दर श्रीरामजानकी मन्दिर सुमेर गढ पहाड, ग्राम चांदपुर, जिला ललितपुर में जो अवैध कटान व खनन चल रहा है, जो अवैध तरीके से खेती बाडी हो रही है, उस पर तत्काल रोक लगायी जायें, लेकिन अधिकारियों की मिली भगत के कारण उक्त कृत्य पर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुयी है, बल्कि वर्तमान महन्त को ही अवैध खनन माफियाओं की मिलीभगत से पुलिस कर्मियों, लेखपाल, काननूगों द्वारा कई बार मारा पीटा गया, व लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि पुरात्व विभाग के पत्रांक से भी यह बात सिद्ध होती है, कि मर्णिराम छावनी द्वारा सुम्मेरगढ पहाड पर स्थित मन्दिर को संरक्षित किया जा रहा है। महन्त ने प्रदेश सरकार से मामले की जांच करायी जाकर कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है।

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