कटनी। बाकल थाना क्षेत्र अंतर्गत बहोरीबंद विकासखंड के एक जन शिक्षक के ऊपर महिला स्वास्थ्यकर्मी से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं वही महिला स्वास्थ्यकर्मी ने पूरे मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए आरोपित शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला बाकल थाना में दर्ज कराकर कठोर कार्यवाही की मांग की है।
पीड़ित महिला स्वास्थ्यकर्मी के अनुसार वह रोजाना अपने निर्धारित समय से बाकल से उप स्वास्थ केंद्र पटना के लिए निकल जाती थी घटना के दिन भी पीड़िता समय से उपस्वास्थ केंद्र पहुंचकर ओपीडी का कार्य कर रही थी। करीब दो बजे दोपहर को उपस्वास्थ्य केंद्र पटना में मरीज आए हुए थे और उन्होंने मुझसे दवाइया लीं। इसी समय सीताराम विश्वकर्मा निवासी बाकल मेरे पास स्वास्थ्य केंद्र में आए तो मैंने उनसे कहा कि आपके स्कूल के बच्चों को आयरन की टैबलेट की जरूरत हो तो आशा कार्यकर्ता द्वारा मंगवा लेना तो सीताराम विश्वकर्मा मेरी बातों को अनसुना करते हुए टैबलेट के बारे में कुछ नहीं बोले और वो किचन के पास गए और छेडखानी करने लगे। स्वास्थ्य कर्मी की चीखने की आवाज सुनकर स्वास्थ्य केंद्र के बाहर खडे कुछ लोग अंदर आए। लोगों को अंदर आते देख स्वास्थ्यकर्मी को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला।
मामले की जानकारी महिला स्वास्थ्य कर्मी ने स्टाफ के अधिकारियों को बताई। महिला की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ धारा 354, 506 तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है। इसलिए पीड़िता ने वरिष्ठ अधिकारी को मामले की लिखित शिकायत की है। जिसमें बताया गया है कि रोजाना की तरह सुबह दिनांक 7 सितंबर को अपनी ड्यूटी के दौरान शासकीय कार्य कर रही थी तभी करीब 2 बजे शिक्षक सीताराम विश्वकर्मा आशा सहयोगिनी के पति के द्वारा छेड़खानी की गई है
मैदान में उतरेगी भीम आर्मीः
पूरे मामले को लेकर भीम आर्मी एकता मिशन मैदान में उतरेगी। भीम आर्मी एकता मिशन कटनी जिला अध्यक्ष चंद्रभान बौद्ध ने बताया की इस मामले की जांच के लिए बहोरीबंद एसडीएम से भीम आर्मी एकता मिशन के पदाधिकारियों ने बात की है। जिसमें एसडीएम ने कहा है कि हम अभी इसको संज्ञान में लेकर इसमें धाराए बढ़ावा कर और इससे एससी एसटी एक्ट लगवा कर केस आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे है। चंद्रभान बौद्ध ने कहा की अगर अविलंब धाराएं नहीं बढ़ाई जाती हैं तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ भीम आर्मी मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पडे़गा।