बांगरमऊ उन्नाव ।उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक अहमद एडवोकेट ने आज शहीद जसा सिंह स्मारक भवन में बनाए जा रहे सिविल जज न्यायालय का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इसका अस्थाई संचालन शीघ्र शुरू कराया जाएगा। तहसील क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा निवासी उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा यश भारती से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट ने सन 2014 में उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में जनहित याचिका की थी। जिसमें मांग की गई थी कि नवसृजित तहसील बांगरमऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 के अंतर्गत न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन की स्थापना करे। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने निर्णय लेकर अस्थाई संचालन हेतु शहीद जसा सिंह स्मारक भवन में चयन कर आवश्यक संशोधित निर्माण हेतु 8 लाख रुपये की धनराशि भी जनवरी 2022 में स्वीकृत कर दी थी। वर्तमान में सिविल जज न्यायालय के संचालन हेतु निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परंतु उच्च न्यायालय द्वारा अभी तक सिविल जज व संबंधित कर्मचारियों की तैनाती नहीं की है। जबकि सिविल जज व कर्मचारियों के पद 9 मई 2020 को ही सृजित हो चुके हैं। उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक अहमद एडवोकेट ने आज सिविल जज न्यायालय का निरीक्षण कर पत्रकारों को बताया कि उच्च न्यायालय नगर में जल्द ही न्यायालय के संचालन हेतु एक सिविल जज जूनियर डिविजन और अन्य संबंधित स्टाफ की तैनाती कर देगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही सिविल जज न्यायालय का संचालन नगर में शुरू होगा, क्षेत्र की आम जनता को 50 से 70 किलोमीटर दूर उन्नाव नहीं जाना पड़ेगा और नगर में ही सस्ता व सुलभ न्याय मिल सकेगा। इस मौके पर उनके साथ समाजसेवी फजलुर्रहमान, सैय्यद सगीरूलहसन, रामसेवक यादव आदि मौजूद रहे।

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