राकेश केसरी
कौशाम्बी। सैनी थाना क्षेत्र दर्जनों गांवों सहित अझुवा कस्बें में खुलेआम शराब के नाम पर मौत बिक रही है और मजेदार बात यह है कि पीने वालों के साथ ही जिम्मेदार महकमा भी उसे पानी बता रहा है। शाम होते ही गांवों में पुरानी बोतल, शीशी व पालीथिन तक में खुलेआम लोगों को कच्ची शराब बेचते व खरीदते देख सकते हैं। इसके बावजूद सिस्टम तमाशबीन बना हुआ है। पैसों की चाहत में जिम्मेदारों ने खुलेआम मौत बेचने की रजामंदी दे रखी है। ऊपर से कोई फरमान आया या फिर कहीं नकली शराब पीने से कोई बड़ा हादसा हुआ तो यहां भी कागजी घोड़े दौड़ पड़ते हैं, लेकिन परिणाम हर बार वही ढाक के तीन पात वाला ही होता है और इसकी पोल तब खुल जाती है। जब जिले की टीम बड़ी-बड़ी बरामदगी करती हैं। सैनी थाना क्षेत्र के अझुवा कस्बे में बीते तीन माह में हजारो लीटर से अधिक नकली शराब को आबकारी विभाग व पुलिस ने बरामद किया है। जिले में नकली शराब पीने से कई लोगों की बीते वर्षो में मौत हो चुकी है, लेकिन महकमा चेत नहीं रहा है। शराब का खेल गांव-गांव तेज हो चला है। लेकिन, आबकारी महकमें के साथ ही पुलिस महकमा चेत नहीं रहा है। बतां दें कि नकली शराब बनाने में हर उस चीज का इस्तेमाल होता है। जो जीवन को नुकशान पहुंचता है। नकली शराब के निर्माण में यूरिया के साथ ही खतरनाक केमिकल भी नशे के लिए डाले जाते हैं। इतना ही नहीं सड़े गले फलों का प्रयोग भी इसमें होता है। महुआ सिर्फ नाममात्र का ही इस्तेमाल रहता है। आक्सीटोसिन व यूरिया की वजह से शराब मेथाइल एल्कोहल का रूप धारण कर कई बार मौत का सामान बन जाती है। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा का कहना है कि अवैध शराब को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही बड़ा अभियान शुरू कर गांव-गांव क्रास चेकिंग कराई जाएगी। जिनकी भी संलिप्ता मिलेगी। उनके खिलाफ कार्यवाई होगी।

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