आरोपः मजबूर बीमार व्यक्ति की भूमि का फर्जी तरह से कराया गया बैनामा
नहीं दी गई फूटी कौड़ी, पीड़ित ने अफसरों से लगाया न्याय की गुहार
मामला चायल तहसील के अरई सुमेरपुर गांव का
राकेश केसरी
कौशाम्बी। चायल तहसील अंतर्गत अरई सुमेरपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए बताया है कि वह एक बीमार मजबूर व्यक्ति है। जन्म से ही उसकी किडनी खराब है। पिछले सात माह पहले गांव के ही एक व्यक्ति ने साजिश रचकर उसे चार पहिया गाड़ी से गया और फर्जी से उसकी भूमि का बैनामा करा दिया, जबकि उसे कुछ नहीं मालूम न ही उसे किसी प्रकार का धन दिया गया है।
शिकायतकर्ता मो. साबिर पुत्र समीउल्ला निवासी अरई सुमेरपुर के मुताबिक गांव के रानू अहमद पुत्र रसीद अपने तीन साथियों के साथ 20 अप्रैल 2022 को चार पहिया से आया, कहा कि तुम्हारा इलाज हम करा देंगे। साथ में ले गया, कहां सेटिंग कर रखा था उसे कुछ पता भी नहीं और उसकी आराजी सं. 5 रक्बा 0.2280 व आराजी सं.51 रक्बा 0.707 व आराजी सं. 265 अ रक्बा 2.8620 हे. का बैनामा बलवंत सिंह पुत्र ज्ञानसिंह यादव निवासी पन्नोई के नाम करा दिया। इतना ही नहीं दोबारा फिर इसी तरह फर्जी तरह से आराजी सं. 256 अ का सम्पूर्ण रक्बा प्रदीप कुमार वर्मा पुत्र तिलक चंद्र वर्मा निवासी महमूदपुर मनौरी के साथ साजिश कर 29 जुलाई 2022 को बैनामा करा दिया। इतना ही नहीं जो रजिस्ट्री में धन के नाम पर चेक दिखाई गई है चेक आदि न तो पीड़ित को दी गई है और न उसके खाते में चेक लगाई गई है। पीड़ित को जब जानकारी हुई तो उसने इसकी लिखित शिकायती पत्र चरवा थाना में दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने अफसरों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित के अनुसार बीमारी की वजह से उसकी दिमागी हालत भी बहुत ठीक नहीं रहती है, कब बैनामा हुआ उसे पता नहीं। बहरहाल कुछ भी शिकायतकर्ता की शिकायत में कितनी सच्चाई है यह तो अफसरों के जांच के बाद स्पष्ट होगा

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