राकेश केसरी
कौशांबी। महाकाल की पावन नगरी उज्जैन से चलकर जय गुरुदेव महाराज के परम आध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम संत बाबा उमाकांत महाराज द्वारा जनपद कौशांबी के कौशांबी विकासखंड क्षेत्र के म्योहर ग्राम सभा में आयोजित जयगुरुदेव सत्संग का कार्यक्रम संपन्न हुआ। परम संत बाबा जयगुरुदेव महाराज ने सत्संग के माध्यम से लोगों को बताया कि जो जीव मांसाहारी होते हैं उनकी पहचान भी होती है उनके दात बड़े होते हैं शरीर से पसीना नहीं निकलता है पानी चाटकर पीते हैं और सांसे मुंह से लेते हैं इस संसार में शूकर का काम है कि धरती की साफ सफाई करती है मछलियां जल की सफाई करती हैं भेड़ बकरियां वनस्पतियों को साफ करती हैं और गौ माता की पूजा की जाती है इस लिए किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए इसलिए इन जीवों पर रहम किया जाए जीवो पर दया किया जाए मनुष्य का जीवन तो सुमिरन ध्यान भजन के लिए फिर बुराइयों का काम क्यों करें आज जो भी जिसके पास बुराइयां हो वो हमारे ऊपर छोड़कर जाए और अच्छी चीजें ले जाकर गहन करें और मन लगाकर सुमिरन ध्यान भजन करें सत्संग में कई जिलों के हजारों की संख्या में भक्तगण आकर सत्संग का लाभ लिया और भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया।

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