राकेश केसरी
जर्जर सड़को से गायब हो गई पटरिया
कौशाम्बी। जिले का मुख्य मार्ग महेवाघाट-इलाहाबाद अभी तक अपना असली स्वरूप नहीं पा सका है। यह सड़क कई जगह ध्वस्त है, पटरियों पर कब्जा तथा सड़कों पर बहता गन्दा पानी व विभागीय लापरवाही इस सड़क के असली स्वरूप में रोड़ा है। बता दें कि इलाहाबाद-महेवाघाट मार्ग जिले का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग पर सैकड़ो वाहनों का संचालन होता है। सड़क का क्षतिग्रस्त भाग परेशानी का सबब बना हुआ है। बदतर हालात तो हिनौता से महेवाघाट तक है, इसकी दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त है, लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है इसके बावजूद विभागीय अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ तो विभागीय लापरवाही और कुछ ग्रामीणों की लापरवाही की वजह से सड़क असली रूप नहीं अख्तियार कर पा रही है। बताया जा रहा है कि हिनौता गॉव के पास सड़क के किनारे में एक हैण्डपम्प लगा हुआ है। उसका पूरा पानी बहकर सड़क पर आ रहा है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। ढ़ेरहा गॉव का पूरा पानी सड़क पर बहता है, अजरौली गाँव के पास लोग अपने मवेशी पटरी में बांधते हैं, गोबर भी वहीं फेकते हैं। लोगों को बदतर हालात के दौर से गुजरना पड़ता है। कमोवेश यही स्थिति बैरागीपुर-करारी मार्ग की है। पश्चिम शरीरा, चम्पहा व गोराजू आदि गांवो को मिलाने वाली इस सड़क पर दर्जनों निजी सवारी वाहन प्रतिदिन चला करते हैं। गाँव के पास पटरियों पर दुकानदार काबिज हैं, यही नहीं पटरियों पर इस मार्ग में भी मवेशी बांधे जाते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने विभागीय अफ सरों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया है।

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