रवींद्र सिंह (मन्जू सर) मैहर की कलम से
हमारे पास स्वयं का कुछ भी नहीं है। जो है, जितना है सब उस प्रभु का है। प्रभु लक्ष्मी पति हैं अर्थात हमारी संपत्ति के वास्तविक स्वामी सच्चे पति तो स्वयं भगवान नारायण ही हैं। रवींद्र सिंह (मन्जू सर) मैहर की कलम कहती है कि प्रभु देते भी बहुत हैं मगर जब लेते हैं तो राजा बलि की तरह सब कुछ ले लेते हैं। इसलिए अपनी संपत्ति को सदा सेवा और परमार्थ में लगाना ही बुद्धिमानी है।लक्ष्मी सदैव विष्णु भगवान के पास ही खुश रहती है। इसलिए अगर उस प्रभु ने आपको खूब सारी लक्ष्मी देकर अनुग्रहीत किया है तो उस लक्ष्मी का उपयोग सदैव दैवीय कार्यों में ही करना चाहिए।!!!...जिस की मस्ती जिंदा है,समझो उसकी हस्ती जिंदा है,नहीं तो वो आदमी जबरदस्ती जिंदा है.!!!आप सभी को सादर नमन। मैहर वाली शारदे माता रानी सदा कल्याण करे।

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