राकेश केसरी
कौशाम्बी। ठंड के मौसम में सतर्कता ही एक मात्र उपाय है। इस साल ठंड ने हर किसी को हिला कर रख दिया है। इस बार ठंड अत्यधिक होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके तेवर को देख सभी के लिए सावधानी नितांत आवश्यक हो गया है। ठंड के प्रचंड रुप ने बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक को अभी ही कांपने को मजबूर कर दिया है। इसमें सांस,अस्थमा व ब्लड प्रेशर तथा हृदय रोगियों के लिए तत्काल में हो रहा मौसम काफी खतरनाक है। ऐसे मरीजों के लिए यह मौसम काल के सामान ही हो रहा है। जिला अस्पताल में इस समय इस तरह के मरीजों की संख्या काफी हद तक बढ़ गई है। अस्पताल में ठंड लगने से बीमार पड़ कर आने वाले लोगों में अधिसंख्य सांस के रोगी ही आ रहे हैं। मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के बाद बच्चों में तो बीमारियों की संभावना और भी बढ़ गई है। ऐसे में इसमें जरा सी भी लापरवाही किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। इस भीषण ठंड को देखते हुए किसानों को तो और भी सावधान रहने की जरुरत है। खासकर सिंचाई आदि से तो उनको सीधे तौर पर परहेज करना चाहिए।
किसान रात में सिंचाई से करें परहेज,मरीज बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के चिकित्सक विजय केशरवानी ने कहा कि वर्तमान मौसम को देखते हुए किसान सतर्कता बरतें। खेतों में सिंचाई आदि के दौरान और भी सावधान रहें नहीं तो जरा सी लापरवाही उनके लिए जानलेवा हो सकती है। खेतों में सिंचाई के दौरान गर्म कपड़े पहनने के साथ पास में अलाव की व्यवस्था जरुर रखें। खेतों में सिंचाई करते समय लगातार पानी में न रहें। इसमें बीच.बीच में खेतों से निकल कर आग जरुर सेंकते रहे। रात में किसी वे सिंचाई से परहेज करें। वहीं जो सांस,अस्थमा,ब्लड प्रेशर व हर्ट के मरीज हैं उनको तो विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरुरत है। सांस व अस्थमा के मरीजों को ठंड से हरहाल में बचाव करना चाहिए। उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को नियमित रुप से चेकअप कराते रहना चाहिए। घरों से निकलते समय भरपूर गर्म कपड़े पहनने चाहिए। पानी उबाल कर भरपूर प्रयोग करना चाहिए।

Today Warta