राकेश केसरी
कौशाम्बी। प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी जनपद में अवैध शराब के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है। जिला आबकारी व पुलिस की कार्रवाई के कुछ ही दिनों तक इस धंधे से जुड़े लोगों पर असर रहता है। इसके बाद फिर शुरू हो जाता है इनका कारोबार जो इलाकाई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। आबकारी विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती ईट भटृटों पर बन रही शराब है। विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के सत्तर फीसद ईट भटृटों पर शराब बनाने का कारोबार होता है। इसकी पूरी सूची विभाग ने तैयार कर ली है। इसमें सबसे अधिक संवेदनशील चरवा व पिपरी थाना क्षेत्र है। इसके साथ जिले के दर्जनो ऐसे गांव चिंह्नित किए गए हैं जहां शराब का कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। इन स्थानों पर शराब बनाने के साथ ही उसकी सप्लाई भी होती है। इनमें प्रमुख रुप से सैनी थाना के अझुवा कस्बा व कोखराज थाना के कई गांव शामिल हैं, जहां का अवैध शराब बंद कराना अभी भी आबकारी व पुलिस विभाग के लिए चुनौती है। आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद भी इन स्थानों पर अवैध कारोबार का धंधा ठप नहीं हो पाया। ईट.भट्टों पर शाम को शराब पीने वालों का जमावड़ा हो जाता है। इसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है।

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