राकेश केसरी
कौशाम्बी। जनपद वासियों को हाड़तोड़ मलेरिया बुखार तोड़मरोड़ रहा है, वजह सिर्फ एक है मच्छरों के खिलाफ अभियान न चलाना। कस्बों व ग्रामीण क्षेंत्रों में न तो डीडीटी का ही छिड़काव हो रहा और न ही फागिंग ही कराई जा रही है। बुखार ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सर्दी जुकाम के दौरान वायरल फीवर तो मुश्किल में डाल ही रहा है,वही मलेरिया ने तो लोगों की नींद उड़ी दी है। कूड़ा कचरा,नाली,नालों में डेरा जमाए मच्छर लोगो को अपनें डंक चुभा रहे हैं,लेकिन मच्छरों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। यही वजह है सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सालयों के साथ ही पैथालाजी सेंटरों पर खून जांच के लिए रोगियों की भीड़ लग रही है। जिला अस्पताल में मलेरिया के रोगी भी भारी तादाद में पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि मलेरिया तो फैलेगा ही क्योंकि अब डीडीटी का छिड़काव या फिर फागिंग कराई ही नहीं जाती। बीते दिनों को याद करते हुए कुछ लोगों ने कहा कि पहले स्वास्थ्य महकमा अभियान चला कर मच्छरों से मोर्चा लेता था। एक-एक घर में मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव किया जाता था। छिड़काव करने वाले मजदूरों की संख्या भी काफी होती थी। जिससे बस्ती या कॉलोनी में एक साथ छिड़काव होने से मच्छरों की सामत आ गई थी लेकिन अब परिस्थिति ही बदल गई। न तो छिड़काव ही हो रहा और न ही फागिंग ही कराई जा रही है। जबकि जिला मलेरिया अधिकारी के मुताबिक हर साल मलेरिया रोगियों में कमी आ रही है।

Today Warta