रावेंद्र शुक्ला
प्रयागराज : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर विवादित बयान देते हुए पुस्तक को बैन करने की मांग करने के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने मंगलवार को सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। विहिप काशी प्रांत के विधि प्रकोष्ठ के प्रांत संयोजक अरविंद कुमार मिश्र और महानगर संयोजक राकेश कुमार सिंह ने तहरीर में मौर्य पर अपने बयान के जरिए साजिशन सनातन समाज में वर्ग संघर्ष और विघटन पैदा करने का आरोप लगाया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पूर्व मंत्री द्वारा श्री रामचरितमानस पर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर कुछ विघटनकारी तत्वों ने साजिशन धार्मिक ग्रंथ की प्रतियों का अपमान किया। उन्होंने आरोप लगाया की इस घटना ने भारतीय समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। बता दें कि सपा नेता ने कहा था, ''रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों में जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर यदि समाज के किसी वर्ग का अपमान हुआ है तो वह निश्चित रूप से धर्म नहीं है।यह 'अधर्म' है, जो न केवल #बीजेपी बल्कि संतों को भी हमले के लिए आमंत्रित कर रहा है।'' आगे उन्होंने कहा था, ''रामचरित मानस की कुछ पंक्तियों में जातियों के नामों का उल्लेख है जो इन जातियों के लाखों लोगों की भावनाओं को आहत करती हैं।'' उन्होंने पुस्तक को बैन करने की भी मांग की थी।

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