राकेश केशरी
कौशाम्बी। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों का भी गजब का कारनामा है। अधिकारियों ने इंग्लिश मीडियम स्कूल में हिंदी के शिक्षकों की तैनाती कर रखी है। इसी वजह से सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है। नौनिहालों को अंग्रेजी की शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अभिभावकों की कोशिशों के बावजूद भी हिंदी के शिक्षकों को हटाया नहीं जा रहा है। इन्हें हटाकर अंग्रेजी के शिक्षकों को कब तैनात किया जाएगा इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। शासन के निर्देश पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कौशाम्बी ब्लॉक में 7 परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम के लिए चिन्हित किया गया था। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने साफ निर्देश दिया था,कि अंग्रेजी माध्यम के चयनित स्कूलों में उन्हें शिक्षकों की तैनाती की जाएगी जो अंग्रेजी मीडियम से पढे हैं। कौशाम्बी जिले के अधिकारियों ने बेसिक शिक्षा सचिव के इस आदेश की धज्जियां उड़ा कर रख दी है। कौशाम्बी विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय म्योहर, पड़रिया शुक्रवारा, गौहानी जूनियर,चैपुरवा, महिला जूनियर, बैगवां फतेहपुर, और छोटा गढ़वा को अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित किया गया है। लेकिन छोटका गढ़वा, बैगवां फतेहपुर,चैपुरवा,महिला जूनियर में अभी तक हिंदी के शिक्षक ही शिक्षा देने का काम कर रहे हैं दूसरे चयनित स्कूलों का भी यही हाल है। कहीं एक तो कहीं दो अध्यापक से काम चलाया जा रहा है। अधिकारी जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का बयान देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
--------------
गरीबों के सपने नहीं हो रहे साकार,
स्कूलों का चयन इंग्लिश मीडियम के लिए हुआ तो अभिभावकों की उम्मीदें बढ़ गई गरीबी रेखा में आने वाले नौनिहालों को लगा कि अब उन्हें भी शहर जैसी शिक्षा मिल पाएगी और वह भी अंग्रेजी बोल पाएंगे कहीं पर अंग्रेजी में बात करना हुआ तो झेंपना नहीं पड़ेगा। लेकिन बच्चों के सारे सपने चकनाचूर हो गए।

Today Warta