राकेश केशरी
कौशाम्बी। पंचायत विभाग द्वारा भारी-भरकम राशि खर्च कर ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया गया। शासन की सोच थी कि गांव में किसी की मृत्यु होने पर इन्हीं अंत्येष्टि स्थलों पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इनसे उन परिवारों को भी सहूलियत होगी जिनके पास अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी जमीन नहीं है। कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में छेकवा व बेरौंचा में करीब 5 वर्ष पूर्व लाखों रुपए की लागत से बनाया गया अंत्येष्टि स्थल सुविधाओं के अभाव में निष्रयोज्य है। ग्रामीण अंत्येष्टि योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था। यहां आज तक एक भी शव का दाह संस्कार नहीं किया गया। निर्माण के बाद से ही यह अपेक्षित है। यहां अंत्येष्टि के लिए लकड़ियां भी मौजूद नहीं है। इसके चलते लाखों की सरकारी संपत्ति दुर्दशा का शिकार होकर पूरी तरह व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है। यहां परिसर में बबूल की झाड़ी उग आई है। ग्रामीणों के मुताबिक शवदाह गृह बनाने के लिए सही स्थान का चुनाव नहीं किया गया छेकवा ग्राम पंचायत ने बना शवदाह गृह नाले में बना दिया गया। जहां आने जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है। बेरौंचा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश पांडे से बात की गई तो,उन्होंने बताया कि इस शवदाह गृह का निर्माण पूर्व वाले प्रधान ने करवाया था। निर्माण मानक के अनुरूप नही बना इसमें बाउंड्री वाल नहीं कराई गई न गेट लगाया गया। पूरे परिसर में बबूल की बड़ी बड़ी झांड़ी उग आई है। जिसके चलते यहां कोई अंत्येष्टि के लिए आने के बजाय अपनी व्यवस्था में ही करना बेहतर समझता है। ग्रामीणों के मुताबिक छेकवा में बना अंत्येष्टि स्थल यमुना के किनारे नाले में बना दिया गया है। निर्माण पूरी तरह से जर्जर है। दोनों अंत्येष्टि स्थलों में 5 वर्षों में एक भी अंत्येष्टि नहीं हुई। लोग अपनी अपनी व्यवस्था के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि कहां-कहां अंत्येष्टि स्थल है इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। ना ही किसी ने अभी तक कोई शिकायत की है। ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है कि इसकी देखभाल करें यदि झाड़ी उग आई है,तो इसे बहुत जल्द साफ करवा दिया जाएगा जिससे लोग अंत्येष्टि कर सकें।

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