रावेंद्र शुक्ला
यमुनानगर /प्रयागराज। जी हां चौंकिए मत हकीकत है कोई फसाना नहीं हम बात कर रहे हैं जनपद के यमुनानगर विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत कपारी मजरा खान सिमरा मिश्रापुरवा की। सूबे की सरकार ने तीसरी सरकार के गांव के समुचित विकास के नाम पर जहां प्रतिवर्ष करोड़ों खर्च कर सफाई कर्मियों की नियुक्ति कर रखी है लेकिन गांव की समस्याओं की बात करें तो नजारा इतर है। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि आज तक हमारे गांव में नाली का निर्माण नहीं हो सका जिसकी वजह से गंदा पानी निकालने के लिए निकासी ना होने की वजह से घर के सामने गंदा पानी जमा हो जाने से घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है पूरे गांव में सभी जगह घरों के सामने गंदा पानी भरा हुआ है गंदगी की बदौलत जलजमाव होने की वजह से मौसमी मच्छरों ने अपना आशियाना बना लिया है मच्छरों के काटने से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।सवाल यह उठता है कि आखिर नाली का निर्माण नहीं होने से कब तक ग्रामवासी नरक झेलेंगे लोगों में भारी आक्रोश है वही ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सक्षम अधिकारियों एवं ग्राम प्रधान की उदासीनता के कारण ग्राम पंचायत में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मगर जिम्मेदारों के सिर पर जूं तक नही रेंगती। ऐसा प्रतीत होता है जैसे जिम्मेदारों ने यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखाते हुए भाजपा शासनकाल को बदनाम करने का मन बना लिया है तो कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

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