प्रयागराज उमेश पाल मर्डर केस में दो फोटो वायरल हुई हेँ। इस तस्वीर में दिख रहा अतीक का बेटा असद बताया जा रहा है। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में शामिल 4 हमलावरों की पहचान हो गई है। सीसीटीवी में हमले में शामिल बाहुबली अतीक अहमद का बेटा असद, अतीक का करीबी बमबाज गुड्?डू मुस्लिम, अरमान और मोहम्मद गुलाम की पहचान की गई है। चारों प्रयागराज के ही रहने वाले हैं। हमले में कुल 7 लोग शामिल थे। लॉ एंड आॅर्डर प्रशांत कुमार और एडीजी अमृत अभिजात ने प्रयागराज में डेरा डाल दिया है।
असद पकड़ से दूर
उधर, देर रात स्पेशल टॉस्क फोर्स और रडॠ की टीम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिंग छात्रावास में छापा मारकर अतीक अहमद के करीबी शूटर मोहम्मद गुलाम के 3 गुर्गों को हिरासत में लिया है। तीनों हमले के बाद मुस्लिम बोर्डिंग छात्रावास में छिपे थे। अभी इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। अऊॠ अमृत अभिजात के नेतृत्व में रातभर छापेमारी जारी रही। अब तक अतीक के बेटों समेत 20 से ज्यादा संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है। अतीक का लड़का असद पुलिस की पकड़ से दूर है। उसे ही इस शूटआउट का मास्टर माइंड माना जा रहा है।
उमेश पाल को मारी गईं 7 गोलियां, 6 आरपार हुईं
उमेश पाल का शनिवार को पोस्टमॉर्टम किया गया। उसे कुल 7 गोलियां मारी गईं। काफी नजदीक से फायर होने के कारण 6 गोलियां तो उसके शरीर को छलनी कर आर-पार हो गईं, जबकि एक गोली उसके शरीर में ही फंसी रह गई। डॉक्टरों ने उसके शरीर पर कुल 13 चोट के निशान बताए हैं। सभी गोलियां आॅटोमेटेड पिस्टल से मारी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक हमलावरों ने उमेश पाल पर बम से भी हमला किया था। बम उसे न लगकर गली की दीवार पर लगा था। बम इतना शक्तिशाली था कि दीवार का प्लास्टर टूट गया। बताया जाता है कि बम और गोलीबारी में उमेश पाल की आंत भी फट गई थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अतीक अहमद के चकिया स्थित घर के पास खाली प्लॉट से एक क्रेटा कार मिली है। उस कार का नंबर बदला हुआ था। यानी उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर उसके इंजन नंबर और चेचिस नंबर के आधार पर कार मालिक का पता लगाने में जुटी हुई है। जिस व्यक्ति का प्लॉट है, उससे भी पूछताछ हो रही है। पुलिस ने उउळश् खंगाला, तो पता चला कि उमेश पाल पर हमला करने के बाद अतीक अहमद के घर तक शूटर इसी क्रेटा से पहुंचे। यहां से दूसरी गाड़ी से कौशांबी की तरफ भाग निकले। शूटरों की तलाश में पुरामुफ्ती, कौशांबी में घंटों सर्च अभियान चला है। हालांकि अभी तक शूटरों का पता नहीं चल सका है।
साबरमती जेल से यूपी लाकर अतीक अहमद से होगी पूछताछ, पूरा कुनबा नामजद
उमेश पाल की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर दिखाए हैं। यही कारण है कि उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद, उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक का भाई अशरफ, अतीक का करीबी गुड्?डू मुस्लिम, अतीक का सहयोगी गुलाम, अतीक अहमद का बेटा अली, असद, उमर समेत 9 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अब यूपी रळऋ और पुलिस माफिया अतीक को अहमदाबाद की साबरमती जेल से प्रयागराज लाकर पूछताछ करेगी। अतीक से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की तैयारी में है। उधर, पुलिस ने धूमनगंज में इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की तलाश कर रही है। आस-पास के जिलों में उनकी खोज की जा रही है। रळऋ की 4 यूनिटें लगी हुई हैं। हमलावरों की तलाश में रडॠ की टीमों को भी आस-पास के जिलों में भेजा गया है। अभी तक अतीक अहमद के दो बेटों, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन समेत करीब एक दर्जन लोगों को पुलिस ने उठाया है। जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ, उमर से पिछले दिनों मिलने आने वालों से भी पूछताछ हो रही है।
गम और गुस्से के बीच उमेश पाल का हुआ अंतिम संस्कार
उमेश पाल का शनिवार को गम और गुस्से के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। दारागंज घाट पर हुए अंतिम संस्कार के दौरान हजारों की भीड़ मौजूद रही। उमेश पाल का शनिवार को गम और गुस्से के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। दारागंज घाट पर हुए अंतिम संस्कार के दौरान हजारों की भीड़ मौजूद रही। पोस्टमॉर्टम के बाद प्रशासन उमेश पाल की डेड बॉडी घर लाने के पक्ष में नहीं दिख रहा था। लेकिन परिजनों की चेतावनी के बाद प्रशासन शाम करीब 4 बजे उमेश पाल के जयंतीपुर, सुलेम सराय घर पहुंचा। उमेश पाल की डेड बॉडी घर पहुंचने के बाद सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने घेर लिया।ा्रशासन ने 10 मिनट बाद ही शव को दारागंज घाट दाह संस्कार के लिए उठवाकर भेज दिया। दारागंज घाट पर हजारों की संख्या में समर्थकों की मौजूदगी में उमेश पाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े भाई अशोक पाल ने मुखाग्नि दी।
सरकार मुआवजा दे, उमेश की पत्नी को सरकारी नौकरी
उमेश पाल के बड़े भाई अशोक पाल ने मुआवजे और उमेश की पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग की है। उमेश पाल को मुखाग्नि देने के बाद उमेश पाल के बड़े भाई अशोक पाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि मेरे भाई के हत्यारों को पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करे। योगी सरकार उमेश की पत्नी को सरकारी नौकरी और मुआवजा दे। बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाए। उमेश पाल के एक भाई की कोविड काल में डेथ हो चुकी है। उमेश के दो बेटे और दो बेटियां हैं। सभी नाबालिग हैं।
खौफ से जयंतीपुर के बाजार बंद, छावनी में तब्दील रहा पूरा एरिया
इस हत्याकांड के बाद पूरा एरिया छावनी में तब्दील रहा। उमेश पाल के जयंतीपुर कॉलोनी धूमनमंज के आवास पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे रहे। खौफ के साए में घटना के दूसरे दिन भी बाजार बंद रहे। उमेश पाल की गली में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। पूरे क्षेत्र में पैरा मिलिट्री की तैनाती रही।
गनर संदीप की पत्नी रीमा की चीत्कार सुनकर हर आंख हो गई नम
उमेश पाल की सुरक्षा में तैनात गनर संदीप की भी मौत हो गई। ड्यूटी पर हुई मौत से उसे पुलिस लाइन में सलामी गारद के साथ एडीजी प्रयागराज जोन भानु भास्कर ने श्रद्धांजलि दी। 2 साल पहले ही संदीप की शादी हुई थी। संदीप की पत्नी रीमा अपने परिजनों के साथ आजमगढ़ जनपद के अहिरौली के बिसाईपुर गांव से प्रयागराज पहुंचीं। संदीप की पत्नी रीमा को जब पता चला कि अब संदीप इस दुनिया में नहीं हैं तो उनका रो-रोकर बुरा हाल था। संदीप और रीमा किराए के मकान में प्रयागराज में ही रहते थे। गुरुवार को रीमा अपने मायके चली गईं थीं। रीमा बार-बार यही कहती रहीं कि संदीप से हमें मिलवा दो नहीं तो हम भी मर जाएंगे। अरे! अब हम किसके लिए जिएंगे, संदीप तो हमें छोड़कर चला गया। रीमा की चीत्कार सुनकर हर किसी की आंखें नम थीं।
उमेश के परिजन की सपा विधायक से हुई बहस
चायल से सपा विधायक पूजा पाल शाम को उमेश के परिजनों से मिलने उनके घर पर पहुंचीं। इस दौरान उमेश के परिजनों से उनकी जमकर बहस हुई। परिजनों ने पूजा पाल पर अतीक से मिले होने और हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इसका वीडियो भी सामने आया है। य्
उमेश पाल के गनर संदीप के पिता का दर्द : बोले-मेरा बेटा फर्ज निभाते हुए मरा
प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल के साथ बदमाशों ने उनके सरकारी गनर संदीप निषाद (26) की भी हत्या कर दी। संदीप अपने परिवार का सरकारी नौकरी करने वाला इकलौता सदस्य था। उसकी कमाई के पैसे से पूरे परिवार का खर्च चलता था। संदीप की मौत की खबर जब उनके गांव आजमगढ़ में पहुंची तो चारों तरफ माहौल गमगीन हो गया। पिता संतलाल माथे पर हाथ रख बैठ गए, वहीं, पत्नी रीमा बेहोश हो गई।

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