राकेश केशरी
कौशाम्बी। कलेक्ट्रेट स्थित डीएम दफ्तर के सामने बुधवार की दोपहर एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अपने छोटे छोटे बच्चो संग आई महिला डीएम दफ्तर के बाहर बैठकर फूट-फूटकर रोई। रोते हुए उसने प्रशासनिक व पुलिस अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा, सारे अधिकारी बिक गए, पैसे में इतनी ताकत है। योगी जी ने भी कुछ नहीं किया। महिला फरियादी के हंगामे की खबर पाकर मंझनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को समझाकर उसे थाने ले आई। मामला दरअसल मंझनपुर थाना क्षेत्र के टेवा गांव का है। जहाँ की रहने वाली कविता पांडेय पत्नी मनीष पांडेय ने बताया, उसका पति मानसिक रूप से बीमार रहता है। उसके मेहनत मजदूरी और मायके से मांग कर लाई हुई रकम तीन लाख रुपये ननका सोनकर को दी थी। बदले में ननका ने उन्हें अपनी जमीन दी। जिस पर गांव के दबंग अरविन्द यादव ने जबरन कब्जा कर अपना घर बनवा लिया। पीड़िता दो महीने से डीएम से लेकर सीएम तक फरियाद लगा चुकी है, लेकिन जमीन पर कब्जा नहीं दिलवा गया। थक हारकर कविता बुधवार दोपहर करीब 4 बजे डीएम दफ्तर के बाहर अपने दो छोटे-छोटे बच्चो को लेकर पहुंच गई। वह दफ्तर के सामने पेड़ के नीचे बैठ कर रोने लगी। महिला की आवाज सुन कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने उसे चुप कराने की कोशिश की। पीड़िता ने कहा कि अरविन्द सिंह के आगे जिले के अधिकारी बिक गए। कोई उसकी फरियाद पर कार्रवाई नहीं करता है। वह योगी जी के यहां से भी उसे इन्साफ नहीं मिला।

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