इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र
तम्बाकू से छुटकारा पाने के लिए जिला अस्पताल के कमरा नंबर 4 में करें संपर्क
ललितपुर। तम्बाकू में मौजूद चार हजार जहरीले तत्व बीमारियों का कारण बनते हैं। इसके सेवन से कैंसर, अस्थमा, नपुंसकता जैसे कई गंभीर रोग होते हैं। दो हफ्ते से पुराना सफेद या लाल छाला हो तो यह पूर्व कैंसर की अवस्था हो सकती है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.जे.एस.बक्शी का। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि किसी भी तम्बाकू उत्पाद का इस्तेमाल ना करें, भले ही वह कम हानिकारक होने का दावा करते हो सभी तंबाकू उत्पाद समान हानिकारक होते हैं। कई बार लोग खुद धूम्रपान नहीं करते हैं पर धूम्रपान करने वाले के बीच बने रहते हैं। इससे भी बीमारी के फैलने का खतरा बना रहता है। यह उतना ही खतरनाक है, जितना स्वयं के द्वारा धूम्रपान करना है। तम्बाकू नियंत्रण अभियान के नोडल अधिकारी डा.अमित तिवारी ने बताया कि गर्भस्थ शिशु के मानसिक विकास पर धूम्रपान से बुरा प्रभाव पड़ता है। उसके सीखने और समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। धूम्रपान गर्भवती महिला एवं बच्चों के लिए खतरनाक है। अगर मां खुद धूम्रपान करती है तो यह सारे खतरे कई गुना तक बढ़ जाते हैं। तम्बाकू नियंत्रण के जिला सलाहकार डा.रूद्रप्रताप सिंह बुंदेला ने बताया कि धूम्रपान से तात्पर्य सिर्फ सिगरेट पीना नहीं है बल्कि इसके अंतर्गत बीड़ी, तम्बाकू युक्त पदार्थ, सिगार और पाइप भी शामिल हैं। तंबाकू से छुटकारा पाने के लिए जिला अस्पताल के कमरा नंबर 4 में संपर्क किया जा सकता है। मुंह में दोहफ्ते से ज्यादा पुराना छाला हो तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
केस नं.- 01
विकास खण्ड जखौरा अंतर्गत ग्राम गनगोरा के मजरा पटपुरा निवासी 40 वर्षीय शिशुपाल ने बताया कि तंबाकू शौक के लिए खाते थे लेकिन वह नुकसान दे गई। पेट में बीमारी हो गई थी, जिसका आपरेशन कराना पड़ा। बताया कि जब पेट में दर्द हुआ था,तब जिला अस्पताल में चिकित्सक डॉ पवन सूद को दिखाया था, उन्होंने आपरेशन कराने की सलाह दी,साथ ही तंबाकू छोडऩे के लिए तंबाकू नियंत्रण परामर्श केंद्र की काउंसलर से मिलने के लिए कहा था। इस पर काउंसलर ने तंबाकू से होने वाले नुकसान बताते हुए इसे छोडऩे के लिए कहा। आपरेशन होने के बाद तंबाकू छोडऩे का इरादा पक्का कर लिया।लगभग एक साल से तंबाकू को हाथ नहीं लगाया है।
केस नं.-02
शहर के मोहल्ला पिसनारी निवासी 55 वर्षीय वृंदावन ने बताया कि तीन साल तक तंबाकू खाते रहे लेकिन एक दिनपरिवार जनों ने कहा कि तंबाकू से नुकसान के अलावा कोई फायदा नहीं है। उनकी सलाह मानकर तंबाकू नियंत्रण केंद्र के सहयोग से तम्बाकू छोड़ दी है अब और दूसरे लोगों को भी तंबाकू छोडऩे के लिए सलाह देते हैं। तंबाकू छोडऩे से शरीर स्वस्थ रहता और दिमाग भी अच्छा रहता है।
तम्बाकू छोडऩे के फायदे
कम्यूनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डा. सौरभ सक्सेना ने बताया कि तंबाकू छोडऩे से मुंह, गले, भोजन नली, ब्लेडर, ग्रीवा और पाचक ग्रंथि के कैंसर, हृदयघात का जोखिम कम हो जाता है। रक्त संचार एवं फेफड़े बेहतर काम करने लगते हैं,साथ ही हृदय की धड़कन और रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
152 लोगों ने छोड़ी तम्बाकू
वित्तीय वर्ष 2022- 23 की शुरुआत से अब तक तम्बाकू परामर्श केंद्र पर 4527 लोगों ने तम्बाकू से छुटकारा पाने के लिए संपर्क किया। इनमें 2616 पुरुष व 1911 महिला थी। 2903 लोगों ने सेशन काउंसलिंग में बताए नुस्खे अपनाए, जिससे उन्हें दवा खाने की आवश्यकता नहीं पड़ी जबकि 1624 लोगों ने तम्बाकू की लत से छुटकारा पाने के लिए दवा का सहारा लिया। इनमें से152 लोग ऐसे हैं जिन्होंने तंबाकू छोड़ दी।

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