इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र
कोविड संक्रमण की तैयारी परखने के लिए हुई मॉक ड्रिल
बस स्टेंड एव रेलवे स्टेशन पर जांच के लिए लगाई गई टीमें
ललितपुर। जनपद में कोविड संक्रमण की तैयारी परखने के लिए मंगलवार को पांच स्वास्थ्य केन्द्रों पर मॉकड्रिल की गयी। इसके साथ ही बस स्टेंड एवं रेलवे स्टेशन पर जिलाअधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आने जाने वाले यात्रियो की जांच शुरू कर दी है। जनपद के लिए राज्यस्तर से नामित कोविड के नोडल अधिकारी डा.आर.के.सोनी संयुक्त निदेशक झांसी मंडल ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान जनपद में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित बेड, वार्ड और आक्सीजन की उपलब्धता देखी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.जे.एस.बक्शी ने बताया कि यह मॉकड्रिल कोविड के नए वैरियंट के संक्रमण के बढऩे की आशंका के मद्देनजर हुई। इसमें जिला चिकित्सालय समेत पांच स्वास्थ्य केंद्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अन्य विभागों से स्वास्थ्य टीम का और स्वास्थ्य टीम के आपस का समन्वय देखा गया। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जनपद में आक्सीजन और बेड की कोई कमी नहीं है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा की पूरी उपलब्धता है। जिला अस्पताल सहित जनपद के स्वास्थ्य केन्द्रों का प्रदर्शन मॉकड्रिल में अच्छा रहा है। हालांकि मॉकड्रिल के दौरान कुछ सूक्ष्म कमियां नजर आईं। इन कमियों को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। सीएमओ ने कहा कि जनपद में कोविड मरीजो की संख्या बढ़ रही है। ऐसी स्थिति सभी कोविड के नियमो का पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने से बचे, मास्क लगाएं, भीड़-भाड़ में जाने से बचे, इसके अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को यदि किसी प्रकार का कोई लक्षण महसूस होता है तो जिला अस्पताल सहित समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहां जांच कराएं, खुद भी सुरक्षित रहे और दूसरों को भी सुरक्षित रखे। महामारी रोग विशेषज्ञ डा.देशराज ने बताया कि नए वैरियंट को देखते हुए कोविड मरीजों के लिए कुल 320 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसमें 320 बेड आक्सीजन सहित कोविड हेतु बार्ड बनाया गया है। वर्तमान में 20 कोरोना संक्रमित मरीज हैं, सभी होम आइसोलेशन में हैं। जिनमें न के बराबर लक्षण मौजूद है। यदि लक्षण युक्त कोविड संक्रमित व्यक्ति आता है तो उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया जाएगा। डिस्ट्रिक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डा.सौरभ सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में गले में खराश, नाक बहना, बुखार, गले में दर्द, सूंघने की क्षमता कम होना आदि कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं। निर्जलीकरण को रोकने के लिए तरल पेय पदार्थ जिनमें नारियल पानी, फलों का जूस व ओआरएस का घोल लेते रहे एवम एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग चिकित्सक की सलाह पर ही करें। मॉक ड्रिल के दौरान संयुक्त निदेशक/नोडल अधिकारी चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण झांसी मंडल झांसी डा.आर.के.सोनी, सीएमओ डा.जे.एस.बक्शी, सीएमएस जिला चिकित्सालय पुरुष, महामारी रोग विशेषज्ञ डा.देशराज, बाल रोग विशेषज्ञ डा.डी.बी.सिंह, मनीष माथुर, डिप्टी सीएमओ डा.आर.एन.सोनी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा.शिवप्रकाश, डिप्टी सीएमओ डा.अवधेशचंद्र यादव, डिप्टी सीएमओ डा.प्रदीप यादव, जिला अस्पताल मैनेजर नंदलाल यादव, हेल्प डेस्क मैनेजर महेंद्र सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

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