राकेश केसरी
कौशाम्बी। अमरूद फल पट्टी क्षेत्र कौशाम्बी के जानकीपुर,सुधवर, बलीपुर टाटा आदि ग्रामों का भ्रमण उद्यान विशेषज्ञों द्वारा किया गया भ्रमण के दौरान अमरूद के बागों में देखा गया कि फल मक्खी की कीट का प्रकोप बढ़ रहा है इस कीट के नियंत्रण एवं निगरानी के लिए मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ0 कृष्ण मोहन चैधरी द्वारा बताया गया कि अमरूद का फल जब मटर के दाने के बराबर हो जाए उस समय से ही फल मक्खी कीट की निगरानी करते रहना चाहिए इसके लिए फेरोमोन ट्रैप को लगाकर देखते रहना चाहिए कीट कितनी संख्या में प्रतिदिन फेरोमोन ट्रैप पर आते हैं जैसे ही इनकी तो की संख्या बढ़ने लगे तो फिर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर की दर से बाग में लगा देना चाहिए तथा इन ट्रैप पर प्रयोग होने वाले लूर को 12 से 15 दिनों के अंतराल पर बदलते रहना आवश्यक है इस प्रकार ट्रेप में फल मक्खी का नर कीट फस जाता है और प्रजनन ना होने से इनकी संख्या पर नियंत्रण हो जाता है औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के विशेषज्ञ वी०के० सिंह द्वारा बताया गया कि इस वर्ष बरसात देर तक होने के कारण एंथ्रेक्नोज एवं स्कैब जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना अधिक है इन बीमारियों में फल का रंग भूरा तथा कालिकाएं भी भूरी पड़ जाती हैं जिससे फल बदरंग व छोटे होने के कारण शीघ्र नष्ट हो जाते हैं एंथ्रेक्नोज एवं स्कैब जैसी बीमारियों को बचाने के लिए बाग की साफ-सफाई रखें तथा समय से खाद एवं उर्वरक का प्रयोग करें तथा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह पर ही ताम्रयुक्त फफूंदी नाशक कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का ३ ग्राम प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर 10 दिन के अंतराल परअमरूद के पौधों पर दो बार छिड़काव करें।

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