किसी तरीके से लोगों ने बढ़ते हुए पानी से जान बचाने के लिए छतों पर शरण लिया, तो कुछ नहीं उंचे स्थानों पर इस पर। लोगों ने प्रशासन की लापरवाही करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि सिंचाई विभाग को बाद में रिसाव होने की सूचना पहले दे दी गई थी। बावजूद इसके विभाग ने बड़ी चूक की जिसका नतीजा है कि बां टूट गया और लोग सैलाब से जूझ रहे हैं। ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मदद की गुहार लगाई है। लेकिन अभी तक ना तो राहत और ना ही बचाव कार्य शुरू हो पाया है। सुनौली नानकार के ग्राम प्रधान मुकेश ने बताया कि बाद में रिसाव होने की जानकारी पहले ही सिंचाई विभाग को दी गई थी। बावजूद इसके यही ने कोई कदम नहीं उठाया जिसका नतीजा है कि गांव सैलाब के भी डूब गया है लोग बांधों में शरण लिए हैं। भारी क्षति हुई है प्रशासन मौन है।
राप्ती नदी पर बना बांध टूटा, 20 से ज्यादा गांव जलमग्न
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर जिले की इटवा तहसील क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी पर स्थित अशोगवा मदरहवा बांध बुधवार रात टूट गया और बूढ़ी राप्ती नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि 20 से ज्यादा गांव जलमग्न हो चुके हैं। बूढ़ी राप्ती का सैलाब जिस प्रकार बढ़ रहा है, लोगों में दहशत और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। आपको बता दें कि यह बांध लोगों के आवागमन का केंद्र होने के साथ ही बाल बचाव में भी अहम था। बारिश और जलभराव के बाद बांध में रिसाव होने लगा था। लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। जिले में लगातार बाढ़ की तबाही जारी है। पहाड़ से निकलने वाली नदियां लगातार सैलाब बनकर लोगों पर टूट रही हैं। शोहरतगढ़ डुमरियागंज इटावा और बांसी तहसील में लगातार बाढ़ का कहर जारी है। इस बीच बुधवार रात इटवा तहसील क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी पर स्थित अशोगवा मदरहवा बांध टूट गया। बांध के टूटने से देखते ही देखते 20 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए। हर तरफ सैलाब ही सैलाब नजर आने लगा।
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