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पलेवा के सीजन में सूखी पड़ी नहर किसान मायूस

Monday, November 21, 2022

/ by Today Warta



संजय धर द्विवेदी

लालापुर  प्रयागराज  रवी फसल की बुबाई शुरू होते ही नहर बन्द हो गई है । पण्डुआ  लालापुर शंकरगढ़ बेमरा नेवडिया बढ़ैया पगुवार सहित तरहार एवं उपरहार क्षेत्र के कई दर्जन गांवों में सिंचाई का मात्र प्रमुख साधन नहर है । प्रथम टोंस पम्प नहर जो कि गौरा के पास से टमस नदी से निकाली गई है । और दूसरी कमला पम्प कैनाल नहर जो कि पण्डुआ यमुना नदी से निकाली गई है ।इस समय दोनों नहरों को बन्द कर दिया गया है । इसी समय रवी फसल की तिलहन दलहन के साथ गेहूं की बुबाई का समय चल रहा है।लेकिन नहर में पानी न होने से खेत का पलेवा न होनें से कारण बुबाई नहीं हो पा रही है ।तमाम किसान खेत के पलेवा को लेकर चिंतित हैं । कि जब खेत का पलेवा और बुबाई का समय आया तो नहर बन्द कर दी गई ।किसानों की दुःख भरी कहानी कौन सुनेगा । किसान किसी तरह से पानी की व्यवस्था करके गेहूं की बुबाई तो कर लेगा लेकिन फसल को पहला पानी देने के लिए उनके पास पानी की कोई व्यवस्था नहीं है ।मात्र एक सहारा नहर ही है ।टोन्स पम्प नहर से विकास खण्ड के लोहरा गन्ने बांसी सुरवल सोनबरसा ओसा ललई डोमहर सीध टिकट तेलघना कूड़ी सहित कई दर्जनों के अलावा  करछना तहसील के सैकड़ों गांवों में सिंचाई होती है ।*इसी प्रकार कमला पम्प कैनाल पण्डुआ से पण्डुआ प्रतापपुर डेराबारी सेमरी भिलोर मंदुरी चकशिवचेर भटपुरा लालापुर बसहाई गिधार ओठगी सोनवै बेनौरी दुबहा बवन्धर भोड़ी लौदकला बघला एवं उपरहार के कई दर्जन गावों के खेतों की सिंचाई होती है।क्षेत्रीय किसान पूर्व प्रधान सरस्वती प्रसाद मिश्र, भण्डे महराज, अवधेश तिवारी इन्द्रेश सिंह राम जी मिश्र पूर्व प्रधानाचार्य पंड़ित जय गोविन्द पाण्डेय सुधीर सिंह शेष मणि द्धिवेदी कक्का द्धिवेदी बच्चा भारतीया देव मणि शुक्ल लल्लू यादव आदि तमाम किसान लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह से अक्टूबर और नवम्बर महीने में नहर को बन्दकर दिया गया था । फिर जनवरी माह में नहर में पानी छोड़ा गया था । जिसकी वजह से बुुवाई पिछड़ जाने के कारण गेहूं का पैदा वार बहुत कम हुआ था । इसी तरह इस वर्ष भी भी अगर नहर में पानी टाइम से नहीं छोड़ा गया तो गेहूं की बुबाई समय से नहीं होगी ऐसी स्थिति में किसान की लागत भी नहीं निकलेगी । क्षेत्रीय किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर नहरों में अविलम्ब पानी छोड़ने की मांग की है ।जिससे कि किसान समय से अपने खेत का पलेवा करके गेहूं की बुबाई कर सके । किसान के जीविका का मात्र साधन खेती है । समय से नहर में पानी नहीं आने को लेकर किसान बहुत चिन्तित है ।

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