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भारतीय सविधान देता है प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार

Saturday, November 5, 2022

/ by Today Warta



रावेंद्र शुक्ला

बारा । 05 नवम्बर, शनिवार को बारा तहसील के विकास खण्ड जसरा की ग्रामसभा गड़ैया कला, और कांटी में संविधान जागरूकता अभियान के पांचवे दिन आम जनमानस को बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-17 अस्पृश्यता व छूआछूत मुक्त भारत देश के साथ अनुच्छेद-15 में जातिविहीन भारत देश का निर्माण व अनुच्छेद 39 (ख) जमीन और उद्योगों के राष्ट्रीयकरण के साथ साथ अनुच्छेद-13 रूढ़िवादी प्रथा को समाप्त कर वैज्ञानिकता पर आधारित समाज निर्माण की बात करता है। उक्त बातें पूर्वांचल दलित अधिकार मंच (पदम) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बैठक को संबोधित करते हुये बताई।  पदम संस्थापक ने आगे बताया कि भारतीय संविधान ही प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार देता है। संविधान वकीलो का दस्तावेज नहीं यह जीवन का एक माध्यम है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में भारतीय संविधान सर्वसमावेशी संविधान है। आजादी का अमृत महोत्सव की ही तरह संविधान दिवस की पचहत्तरवीं वर्षगांठ मानायें जाने में अभी दो वर्ष शेष बचे है क्या केन्द्र और राज्य की सरकारे अपने सत्ता के दौरान संविधान के अनुच्छेद-13, 15, 17, 38 (क), 39 (ख) और अनुच्छेद- 290 का शतप्रतिशत अनुपालन कराने में या तो फेल हुई है या उक्त अनुच्छेद में दिए गए प्राविधानों के विरुद्ध कार्य किये है। क्या केन्द्र और राज्य की ऐसी सरकारों को सत्ता में बने रहना चाहिये ? संविधान दिवस पर आगामी 26 नवम्बर को हाईकोर्ट स्थित डा. अम्बेडकर प्रतिमा स्थल लगाने वाले संविधान मेला व संविधान महोत्सव-2022 को भब्यता से मानायें जाने के लिये गांव गांव गली गली संविधान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान के दौरान रामकरन, संतलाल, सूर्यबली, शिव प्रसाद, बृजेश कुमार, गुड्डी, सरिता, सावित्री, ममता,कलावती, रिंकी, मीरा, निर्मला, कोमल, शिवानी, प्रिया, रंजना, मोनिका, मीना सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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