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एलपीजीसीएल ने इमर्जिंग लीडर्स कम्पटीशन में किया तीसरा स्थान प्राप्त

Monday, November 21, 2022

/ by Today Warta



इन्द्रपाल सिंह प्रिइन्द्र

पॉटून बेस्ड ड्रेजिंग डेक फॉर ऐश वाटर रिकवरी पॉन्ड के अभिनव प्रयोग के लिए पुरस्कृत हुआ एलपीजीसीएल

ललितपुर। बजाज एनर्जी की ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (एलपीजीसीएल) को डा.प्रीतम सिंह फाउंडेशन व आईआईएम-नागपुर द्वारा आयोजित प्रिज्म 2022 कार्यक्रम के दौरान उसके पॉटून बेस्ड ड्रेजिंग डेक फॉर ऐश वाटर रिकवरी पॉन्ड के अभिनव प्रयोग के लिए पुरस्कृत किया गया है। एलपीजीसीएल ने एक दर्जन से अधिक अन्य प्रविष्टियों को पछाड़ते हुए इमर्जिंग लीडर्स कम्पटीशन में तृतीय स्थान प्राप्त किया। 19 नवंबर 2022 को आईआईएम- नागपुर में आयोजित पुरस्कार समारोह में आलोक श्रीवास्तव सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, मैकेनिकल मेंटेनेंस और सोहन पाल, डीजीएम, एएचपी मेंटेनेंस ने एलपीजीसीएल की ओर से ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्राप्त किया। पूर्णत: स्वनिर्मित, एलपीजीसीएल का पॉटून बेस्ड ड्रेजिंग डेक ऐश स्लरी को निकालने और रिकवरी पॉन्ड को साफ रखने में अत्यंत कारगर है। स्क्रैप और दूसरी काम में न आनेवाली सामग्री से निर्मित पोंटून-बेस्ड डेक को रिकवरी पॉन्ड में डेरिक व्यवस्था से कहीं भी स्थापित किया जा सकता और तलछटी से स्लरी को निकला जा सकता है। इस अनूठी तकनीक से एलपीजीसीएल ने न केवल अपने सीमित डाइक स्पेस की चुनौती का समाधान किया है बल्कि रिकवरी पॉन्ड की बफर स्टोरेज क्षमता का बेहतर उपयोग भी किया है। इस पॉटून- बेस्ड ड्रेजिंग डेक की बदौलत एलपीजीसीएल प्रति वर्ष लगभग 35 लाख रुपये बचा सकता है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए एलपीजीसीएल की टीम को बधाई देते हुए सीईओ ए.एन.सार ने कहा कि एलपीजीसीएल में हम निरंतर सुधार और इनोवेशन को सफलता की कुंजी मानते हैं और परिचालन उत्कृष्टता और लॉन्ग टर्म सस्टेनेबिलिटी के लिए लगातार अभिनव प्रयोगों और प्रभावी समाधानों के लिए प्रयासरत रहते हैं। हमारे द्वारा निर्मित पोन्टून- बेस्ड ड्रेजिंग सिस्टम हमारी इसी कार्यकुशलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

बजाज एनर्जी के बारे में

2430 मेगावाट की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के साथ, बजाज एनर्जी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी स्वतंत्र विद्युत उत्पादक कंपनी है। चीनी, ऊर्जा और एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों में फैले बजाज ग्रुप (कुशाग्र) का हिस्सा यह कंपनी उत्तर प्रदेश में छह थर्मल पावर प्लांट चलाती है। एक दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते अर्थात पीपीए के तहत बजाज एनर्जी अपने द्वारा बनायी 100 प्रतिशत बिजली राज्य को देती है। बजाज एनर्जी के छह संयंत्रों में से पांच 2&45 मेगावाट के बिजली संयंत्र सर्कुलेटरी फ्लुइडाइज्ड बेड कंबश्चन (सीएफबीसी) तकनीक का उपयोग करते हुए सबक्रिटिकल डिजाइन के हैं, जबकि ललितपुर में स्थापित 3&660 मेगावाट का बिजली संयंत्र अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट है।

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