राकेश केसरी
गैस सिलेंडर उठा ले गए शिक्षक,चूल्हे में खाना बनाने को मजबूर रसोइया
कौशाम्बी। सरकार प्राथमिक विद्यालयों में सब पढ़ें,सब बढ़ें का नारा देकर बेहतर शिक्षा गरीब परिवार के बच्चों को मिले इसके लिये तरह तरह की योजना चला रही है। लेकिन कुछ विद्यालयों के अध्यापक अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकार को बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जिसकी वजह से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही हैं,इतना ही नहीं दोपहर में भोजन बनाने के लिए सरकारी व्यय से खरीदे गए सिलेंडर को शिक्षक घर उठा ले गए,जिससे मजबूर होकर रसोइया को लकड़ी जलाकर चूल्हे में खाना बनाना पड़ता है,लेकिन उसके बाद भी अभी तक खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों के कारनामों को संज्ञान लेकर उन पर कार्यवाही नहीं की है। जानकारी के मुताबिक विकास खण्ड मंझनपुर के प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तियरा जमालपुर में आए दिन प्रधानाध्यापक गायब रहते हैं,यही नहीं प्रधानाध्यापक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे साग सब्जी तैयार करवाते हैं और उसे घर ले जाकर बड़े मजे से खाते हैं। दोनों विद्यालय में वर्षों से चूल्हे में लकड़ी जला कर रसोइया खाना बनाकर परेशान हो चुकी हैं,अगर इसके बारे में वह प्रधानाध्यापक से शिकायत भी करती हैं,तो उन्हें धमकी दी जाती है,कि खाना बनाना है तो बनाओ नहीं तो बाहर निकाल दूंगा। कागजों में गैस का रूपया निकालकर चूल्हे में खाना बनवाना अर्थात अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकना तो कोई इनसे सीखे। इतना ही नहीं सरकारी रकम से दोनों स्कूल में खरीदे गए सिलेंडर को शिक्षक घर उठा ले गए हैं,लेकिन अभी तक खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों पर सिलेंडर गायब करने का मुकदमा नहीं दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय में शिक्षकों के आने और जाने का कोई समय नहीं है,प्रधानाध्यापक की लापरवाही के चलते यहाँ की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चैपट हो चुकी है। देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान देकर दोषियों पर कार्यवाही करके उन्हें निलम्बित करते हैं या फिर सब हवा हवाई ही साबित हो जायेगा,फिलहाल ग्रामीणों ने जिले के आला अधिकारियों से जांच करवाकर कार्यवाही करने की मांग की है।

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