राकेश केसरी
पति पत्नी के बिवाद मे मासूमों की हो रही बलि
कौशाम्बी। गंगा यमुना का पठारी इलाका बालू और रेत से घिरा हुआ है। जिसमे गरीबी अशिक्षा और बेरोजगारी से लोगो के हंसते खेलते परिवार मे पति पत्नी के विवाद से मासूम बच्चो की बलि हो रही है। गांव गांव महिला उत्पीडन की बढती घटनाओ पर जिला प्रसासन रोक लगाने का प्रयास कर रहा है। वही पर महिलाओं के अवैध सम्बंध भी मौत के लिए कम जिम्मेदार नही है। कौशाम्बी की 18 लाख आवादी मे करीब 10 लाख महिला और वयस्क लडकियों की संख्या है। जिसमे 10 लाख से अधिक लोग गंगा यमुना के पठारी इलाके मे निवास करते है। जहां पर मुख्य ब्यवसाय केवल गंगा की बालू और मोरम ही रोजी रोटी चलाने का कारोबार है। इस कारोबार मे अवैध बालू खनन मे लगी मसीनों से गरीब मजदूरों का नेवाला छिन गया है। इस गरीबी अशिक्षा और बेरोजगारी से घर का कमाऊ पूत काम की तलाश मे गैर जनपद के लिए प्रस्थान कर जाता है। जिससे परिवार मे पत्नी बच्चों के भरण पोषण मे धन की कमी सालती है। वही पर परिवार की अकेली महिला के रहने पर पडोसी का अवैंध सम्बंध परिवार की मौत का कारण बनता है। सूत्रों का मानना है कि अवंैध सम्बंध के कारण जहां बच्चों से पत्नी का मोह खराब होता है। वही पर पति का मोह पत्नी से बिगड कर महिला अपने बच्चो को त्याग कर दूसरे का घर बसाने चली जाती है। गरीबी से लोग मंहगाई के दौर मे लडकियों के हांथ पीले नही कर पाते है। जिससे लडकी घर छोडकर दूसरे के साथ घर बसाने चली जाती है। जिले मे वर्ष की रिर्पोट पर गौर करे तो सैकडो बालिग,नाबालिग लडकिया घर छोड कर चली गई। वही पर सैकडो महिलाए तीन चार बच्चों को पति के सहारे मोह त्याग कर दूसरे का दामन थाम लिया है। इस समय पुलिस के आंकडों मे महिला उत्पीडन और लडकियों के गायब होने के सबसे अधिक मामले थानो पर दर्ज है। पुलिस वारदातों को रोकने के लिए अपना माथा पीट रही है। लेकिन घटनाओं पर विराम नही लग पा रहा है।

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