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चकबंदी अभिलेख में हेराफेरी, लेखपाल नो नोटिस

Friday, December 23, 2022

/ by Today Warta



राकेश केसरी

लेखापाल ने पैसा लेकर बदल दी कस्तकार की वाल्दीयत

चायल,कौशाम्बी। चकबंदी विभाग के चायल सर्किल में तैनात लेखपाल ने अभिलेख में हीरा फेरी कर जमीन का के मालिक को ही बदल दिया। अभिलेख और खतौनी खंगाले जाने पर जब लेखपाल के की हरकत पकड़ में आई तो गांव के कस्तकार के भी परेशान हो गए। ग्रामीणों की शिकायत पर  नायब तहसील ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल को नोटिस भेजा है। चकबंदी विभाग में हो रहे इस प्रकार के जमीन घोटाले को लेकर क्षेत्र के कस्तकार परेशान हैं। चायल तहसील के दरियापुर गांव पिछले करीब तीन साल से  इस समय चकबंदी प्रक्रिया के अधीन है। करीब दो साल पहले इस गांव में मनोज कुमार को चकबंदी लेखपाल के रूप में तैनात किया गया। जुलाई महीने में लेखपाल मनोज कुमार ने गांव के ही कास्तकार छोटेलाल  पैतृक भूमि के अभिलेख में छेड़खानी करते हुए राजकुमारी पुत्री छोटेलाल के नाम दर्ज कर दिया। 16 जुलाई 2022 के आदेश में दर्ज हुए वरासत पर जब राजकुमारी पुत्री छोटेलाल निवासी फतेहपुर सहावपुर कब्जा वी दखल लेने पहुंची तो मूल कस्तकार और ग्रामीणों को इस बारे में जानकारी हुई। चकबंदी अभिलेख में हुई छेड़खानी से नए अभिलेख तैयार होने को लेकर परेशान हुए ग्रामीणों ने चकबंदी कार्यालय का घेराव किया। इस पर सहायक चकबंदी अधिकारी अशोक लाल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल को गांव से हटाते हुए उसे नोटिस भी जारी किया है। ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल ने इसी प्रकार गांव के कई कस्तकारों के अभिलेखों में छेड़खानी करते हुए उनकी खतौनी बदल दिया हैं। आरोपी लेखपाल की इस हरकत के कारण काश्तकार काफी परेशान हैं। 

क्या कहते है अधिकारी

सहायक चकबंदी अधिकारी चायल सेकेंड अशोक लाल श्रीवास्तव का कहना है कि  दरियापुर गांव में लेखपाल मनोज कुमार ने अभिलेख में कई बार छेड़खानी किया हैं। अभिलेख में सौ से अधिक त्रुटियों को को साक्ष्य के रूप में रखा गया है। कार्रवाई करते हुए मैने अपने स्तर से लेखपाल को गांव से हटाते हुए उसे नोटिस जारी किया है। निलंबन के लिए मैंने अधिकारियों को पत्र भी लिखा है।


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