ललितपुर। विश्व भारतीय संस्कृति बचाओ मंच के महामंत्री अखिलेश चौधरी ने शिखरजी बचाओ महाअभियान में मुंडन करा कर विरोध जताया है। आज शिरपुर में हुए 24 केशलोंच मुण्डन मानो दीक्षा भी और मानो तो शिखरजी के समर्थन में मुण्डन भी एक पंथ अनेक काज। सल्लेखना, संथारा के समर्थन में सबसे अधिक मुण्डन करने का सौभाग्य ललितपुर उ प्र को मिला था। अब शिखरजी बचाओ आंदोलन में किस गांव का नाम अधिक मुण्डन करानेवालों में गिनीज बुक में, सिद्धों की श्रेणी में शामिल होगा देखना है। आबाल वृद्धों ने लगभग 40 हजार लोगों ने मुण्डन करके पुण्यार्जन के साथ गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। इसके अलावा जैन संत समाधि सागर विद्यासागर दास के आह्वान पर बाल ब्रह्मचारी, अनाथ, सूरदास करंजी (शिरपुर जैन जिला वाशिम) महाराष्ट्र में एक ही जैन का घर है वे श्रीपालजी वाले जैन उम्र 62 ने नारायण जी से मुण्डन किया। शिखरजी जैन तीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित के विरोध में और टुण्डला उ प्र के ब्र.सुनील जैन अंग्रेजी के ज्ञाता जिन्होंने पशु आदि रक्षार्थ पहले भी देहली जंतर मंतर पर मुण्डन किया था 2014 में। इन दोनों को अर्हं जीव दया भारत से मदद करने का सौभाग्य भी मिला है।

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