इन्द्रपाल सिंह प्रिइन्द्र
मुनिश्री ने कहा सरकार जेैनियों के अहिंसक तरीके को समझे और अपना निर्णय वापिस लें
ललितपुर। सम्मेद शिखर तीर्थ स्थल जैनियों की आस्था का केन्द्र है और रहेगा। पर्यटन स्थल तो पूरे देश में है जवकि तीर्थ स्थल हमारे ही देश में हैं। तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता बताते हुए मुनिश्री ने कहा इसको बनाए रखने का दायित्व श्रावकों का है। यहां संसार है तो परमार्थ है परमार्थ अर्थ के लिए नहीं अर्थ परमार्थ की ओर मुड जाए तो कल्याण है। मुनिश्री ने कहा कानून पास करना सरकार के पास है जैनियों के पास क्या है विचार करो तुम देश में सबसे अधिक टैक्स देते हो यदि तुम अपने अधिकार को पहिचानोंगे तो सरकार अपने आप झुक जाएगी। निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने आज श्री अतिशय तीर्थ सतोदय सेरोन में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए उक्त विचार रखे। उन्होने सतोदय तीर्थ पर विकास की संभावनाए बताते हुए कहा तीर्थ क्षेत्रों की सुरक्षा से ही हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी इसके लिए सभी को कटिबद्ध होने की जरूरत है। धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के चित्र अनावरण से हुआ इसके उपरान्त पुण्र्याजक परिवार ने मुनिश्री का पादप्रक्षालन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। इसके पूर्व मूलनायक शान्तिनाथ भगवान के सम्मुख अभिषेक और मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द से शान्तिधारा हुई जिसका पुण्र्याजन ने किया। सायंकाल मुनि सुधासागर महाराज ने मंदिर प्रांगण में में वहुचर्चित जिज्ञासा समाधान के दौरान श्रावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुनिश्री के प्रवास की व्यवस्थाओं में सतोदय तीर्थ प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के अतिरिक्त आचार्यश्री विद्यासागर व्यायामशाला, वीर व्यायामशाला बाहुवलि नगर महिला मण्डल के स्वयंसेवक निभा रहे हैं।

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