राकेश केशरी
ब्रांडेड कंपनियों के नाम से बेची जा रही नकली नमकीन
कौशाम्बी। सराय अकिल कस्बा के व्यवसायी मिलावटी सरसों का तेल धड़ल्ले से बेच रहें है, इसका सेवन करने वाले उपभोक्ता बीमारी को दावत दे रहें है। इन मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उपभोक्ता ठगा जा रहा है। बावजूद इसके खाद्य विभाग मौन हैं,वही जांच के नाम पर महज खाना पूर्ति की जाती है। सराय अकिल के करन चैराहा, फकीराबाद, भगौतीगंज, इछना रोड स्थित आदि दुकानों में इन दिनों सरसों का मिलावटी तेल व ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली नमकीन धड़ल्ले से बिक रहा है, मिलावटी तेल व नकली नमकीन बेचकर व्यापारी मालामाल हो रहें है। उपभोक्ता 160 रुपये से लेकर 180 रुपये किलो में सरसों का तेल खरीदने को मजबूर हैं। बाजार में व्यापारी विभिन्न कंपनियों के नाम से नकली सरसों तेल बेच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई ब्रांड थोड़े दिन में ही जम जाते हैं। जबकि सरसों का तेल जमना नहीं चाहिए। इससे स्पष्ट है कि सरसों के तेल में हानिकारक रसायन आदि की मिलावट की जा रही है, ऐसी दशा में मिलावटी सरसों के तेल पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है। बाजारों में कभी कभार विभाग महज खाना पूर्ति कर चलता बनते हैं। सीएचसी सराय अकिल के डा0 आबिद ने बताया कि मिलावटी सरसों के तेल से गुर्दा व लीवर को भारी नुकसान पहुंचता है। उपभक्ताओं को प्रयास करना चाहये कि सरसों खरीद कर पेराई वाले तेल का उपभोग में लाएं।

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