राकेश केशरी
कौशाम्बी। बोर्ड परीक्षा सिर पर है। जनपद के अधिकांश विद्यालयों में अंग्रेजी और गणित का कोर्स पूरा नहीं हो पाया है,रिवीजन तो दूर की बात है। इससे छात्रों को गणित और अंग्रेजी में मुश्किल हो रही है। ऐसी हालत में ट्यूशनखोरों की पौबारह है। इस ओर माध्यमिक शिक्षा विभाग मौन साधे बैठा है। इंटर और हाईस्कूल के वैज्ञानिक वर्ग के छात्रों के समक्ष ज्यादा समस्या रहती है। कॉलेजों में कोर्स पूरा न होने के कारण छात्र भी आधा अधूरे ज्ञान के साथ परीक्षा देते हैं। बोर्ड परीक्षा फरवरी में शुरू हो जाएगी। इसलिए छात्र विभिन्न विषयों की गाइड, प्रश्न बैंक इत्यादि के ही भरोसे हैं। शिक्षा विभाग के निदेर्शों के बावजूद विद्यालयों में कमजोर छात्रों की सूची नहीं बनाई गई है और न ही अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय कोर्स पूरा न करके नकल के भरोसे हैं। ऐसे विद्यालय संचालक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के चक्कर काटने लगे हैं। इस संबध में जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि ट्यूशनखोरी पर रोक लगाई जाएगी। विद्यालयो का निरीक्षण कर विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बढ़ाए जाने का जायजा लिया जायेगा।

Today Warta