राकेश केशरी
कौशाम्बी। जिले में नियमों पर ताक पर रखकर नर्सिग होम चलाए जा रहे हैं। झोलाछाप चिकित्सक मरीजों की जान से खेल रहे हैं। इसको लेकर नागरिकों द्वारा तहसील दिवस में कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं,लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्यवाही नही की है। चिकित्सा नियमों के अनुसार नर्सिग होम में डिग्री धारक चिकित्सक व ट्रेंड पैरामेडिकल स्टाफ होना चाहिए। चिकित्सा संबंधी सभी जरूरी संसाधन होने चाहिए। मानक अनुरूप वार्ड ब्वाय व स्टाफ नर्स की तैनाती होनी चाहिए लेकिन यहां तमाम नर्सिग होम चिकित्सा नियमों पर ताक पर रखकर चलाए जा रहे हैं। डिग्री धारक चिकित्सक की जगह झोलाछाप चिकित्सक नर्सिग होम में बैठ रहे हैं, जो मरीजों की जान से खेल रहे हैं। पिछले दिनों शासन ने ऐसे नर्सिग होमों पर शिकंजा कसने का फरमान जारी किया था, लेकिन विभाग ने इस पर अमल नहीं किया। सीएमओ डा0 सुष्पेन्द का कहना है कि जांच करायी जा रही है। जांच में पुष्टि होने पर नर्सिग होम संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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