राकेश केशरी
कौशाम्बी। सर्दियों में पारा गिरने के साथ ही शरीर में रक्तचाप बढ़ता है। ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस मौसम में पेट की जठराग्नि प्रबल रहने से पाचन क्षमता बेहतर होती है। खानपान में थोड़े बदलाव से सेहत को नई ताकत दी जा सकती है। रोजाना थोड़ा सा गुड़ खाकर रक्तचाप को दुरुस्त रखने के साथ ही फेफड़ों को वायु प्रदूषण से बचा सकते हैं। हरी सब्जियां खून की कमी के साथ ही जोड़ों का दर्द भी दूर करती हैं। डा0 अरूण केशरवानी ने बताया कि रोजाना थोड़ा गुड़ खाकर शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा पर्याप्त रखने से रक्तचाप ठीक रहता है। खजूर में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है जो एनीमिया दूर करता है। हरी सब्जी में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 और फैटी एसिड होते हैं, जो जोड़ों का दर्द दूर करता है। दूध के साथ तिल का लड्डू खाएं। इससे शरीर को कैल्शियम मिलता है और हड्डियां मजबूत होती हैं। दिनभर में आठ गिलास तक पानी पियें। ये त्वचा व शरीर में नमी को बनाकर रखता है। रोजाना काम करने के लिए काबोर्हाइड्रेट की जरूरत होती है, ऐसे में गेहूं, च्वार, बाजरा खायें। इसमें फैट भी कम होता है और पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। सर्दियों में संक्रमण से बचने के लिए प्रोटीन जरूरी है, ऐसे में पनीर, दूध, अंडा व सोयाबीन खायें। डा0 अरूण ने कहा कि बासी या ठंडा भोजन, कोल्ड ड्रिक, दही, खट्टी चीजें, ज्यादा अचार से बचें। हार्ट, बीपी, गुर्दा, शुगर व अस्थमा के रोगी चिकनाई, चीनी, गुड़, ड्राई फ्रूट का प्रयोग न करें। उन्होने बताया कि ठंड में हरी सब्जियों का खूब सेवन करना चाहिए। पानी भी खूब पीना चाहिए। ठंड में पालक शरीर में लौह तत्व की कमी को पूरा करती है। खास तौर से महिलाओं के लिए पालक बहुत फायदेमंद है। पालक शरीर में विटामिन ए, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है। फॉलिक एसिड, मैग्नीशियम, जिक, कॉपर, काबोर्हाइड्रेट, फास्फोरस, प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर मैथी मोटापे को कम करने में भी मदद करती है। करेला न केवल आपके खून को साफ करता है, बल्कि पेट से जुड़ी परेशानियों को खत्म कर पाचन में मदद करता है। हरा प्याज रोग प्रतिरोधी गुणों से भरपूर होता है और प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करता है। यह आंखों और त्वचा के अलावा पाचनतंत्र के लिए भी फायदेमंद है।

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